दुर्गा पूजा को लेकर जिला प्रशासन एवं केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति की संयुक्त बैठक

दुर्गा पूजा को लेकर जिला प्रशासन एवं केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति की संयुक्त बैठक

शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित पूजा आयोजन को लेकर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश



संतोष वर्मा

चाईबासाःपश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनु की संयुक्त अध्यक्षता में केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति, चाईबासा के पदाधिकारियों एवं विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी दुर्गा पूजा के दौरान जिले में शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूजा आयोजन सुनिश्चित करने, विधि-व्यवस्था, यातायात, सुरक्षा एवं नागरिक सुविधाओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, थाना प्रभारी, नगर परिषद के पदाधिकारी, चाईबासा शहर के 22 दुर्गा पूजा पंडालों के प्रतिनिधि एवं केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



*◆ पूजा पंडालों में सुरक्षा एवं प्रवेश-निकास व्यवस्था पर विशेष जोर*

बैठक में सभी पूजा पंडालों में प्रवेश एवं निकास द्वार को सुव्यवस्थित रखने, पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति करने तथा सभी स्वयंसेवकों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। भीड़ नियंत्रण एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंडालों के आसपास आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे का अधिष्ठापन एवं उसका प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा प्रमुख गतिविधियों की निगरानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। स्वयंसेवकों के पास सीटी एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया।

*◆ यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश*

पूजा के दौरान शहर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने एवं पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा हुई। बड़े एवं छोटे वाहनों के आवागमन के लिए आवश्यकतानुसार मार्ग व्यवस्था निर्धारित करने तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल एवं स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया। मूर्ति विसर्जन के दौरान भीड़ एवं यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए विसर्जन मार्ग एवं विसर्जन घाट पर आवश्यक सुरक्षा एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

*◆ अग्नि सुरक्षा एवं विद्युत व्यवस्था की जांच के निर्देश*

सभी पूजा पंडालों में अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पंडालों की विद्युत व्यवस्था की जांच कर आवश्यक विद्युत सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा विद्युत तारों एवं अन्य उपकरणों की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। सड़क के ऊपर से गुजरने वाले अनावश्यक अथवा अव्यवस्थित विद्युत एवं अन्य तारों को व्यवस्थित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। क्षतिग्रस्त विद्युत पोल तथा आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले अन्य कारणों को पूजा से पूर्व दुरुस्त करने को कहा गया।

*◆ चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता*

पूजा पंडालों एवं प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा दल की उपलब्धता एवं एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को दिया गया। आपातकालीन स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक समन्वय बनाए रखने को कहा गया। त्योहार के दौरान निजी अस्पतालों का संचालन एवं आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहना सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

*◆ स्वच्छता, पेयजल एवं नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था*

पूजा पंडालों के आसपास स्वच्छता, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश नगर परिषद एवं संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा पंडालों में हेल्प डेस्क स्थापित करने तथा वहां आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया। पूजा पंडालों में प्रसाद वितरण के लिए निर्धारित समय एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई, ताकि अत्यधिक भीड़ की स्थिति उत्पन्न न हो।

*◆ ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध चलेगा विशेष अभियान*

पुलिस प्रशासन को पूजा के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान संचालित करने का निर्देश दिया गया। प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक जांच अभियान चलाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

*◆ मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान*

बैठक में पूजा पंडालों के साथ-साथ शहर के सभी प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

*◆ पूजा पंडालों के आसपास मांस-मछली की दुकानों को हटाने का निर्देश*

पूजा के दौरान धार्मिक भावनाओं एवं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए पूजा पंडालों के समीप संचालित मांस, मछली एवं मुर्गा की दुकानों को निर्धारित क्षेत्र से हटाने अथवा आवश्यक नियमन सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।

*◆ विसर्जन एवं घट स्थापना को लेकर भी हुई चर्चा*

बैठक में घट स्थापना, पूजा आयोजन, श्रद्धालुओं की निकासी एवं प्रवेश, मूर्ति विसर्जन तथा विसर्जन जुलूस से संबंधित व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। विसर्जन के दौरान निर्धारित मार्ग, घाट पर सुरक्षा, पर्याप्त रोशनी, भीड़ नियंत्रण एवं आवश्यक पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

*◆ पंडालों एवं विसर्जन जुलूस में डीजे के उपयोग पर पूर्णतः मनाही*

दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों एवं विसर्जन जुलूस में डीजे के उपयोग पर पूर्णतः मनाही रहेगी। प्रशासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण एवं विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सभी पूजा समितियों से निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु संसूचित किया गया।

उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनु ने सभी पूजा समितियों से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर पूजा का आयोजन करने तथा प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की। बैठक में केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति, चाईबासा के संरक्षक राजीव नयनम एवं मधुसूदन अग्रवाल, अध्यक्ष नितिन प्रकाश, उपाध्यक्ष विकास शर्मा, संजय चौबे, त्रिशाणु राय एवं दिलीप खंडेलवाल, महासचिव श्री आनंद प्रियदर्शी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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