हुनर से बदलेगी जिंदगी की दिशा, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ेंगे बंदी

हुनर से बदलेगी जिंदगी की दिशा, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ेंगे बंदी



मंडल कारा चाईबासा में "प्रोजेक्ट परिवर्तन- हुनर से पहचान" के तहत व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ



संतोष वर्मा

Chaibasaःपश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित *"प्रोजेक्ट परिवर्तन- हुनर से पहचान"* के तहत मंडल कारा, चाईबासा में बंदियों के कौशल विकास एवं उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया। मौके पर जेल अधीक्षक श्री सुनील कुमार तथा बैंक ऑफ इंडिया-आरसेटी के प्रशिक्षकगण उपस्थित रहे।

*◆ 4 से 9 सितंबर तक चलेगा छह दिवसीय प्रशिक्षण*

यह प्रशिक्षण शिविर 4 सितंबर से 9 सितंबर 2026 तक छह दिनों तक संचालित होगा। प्रशिक्षण के दौरान जेल के 40 बंदियों की टीम को फल एवं सब्जी उत्पादन तथा जैविक खाद निर्माण से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को रोजगारपरक कौशल से जोड़ते हुए भविष्य में स्वरोजगार एवं सम्मानजनक आजीविका के लिए तैयार करना है।

*◆ मंडल कारा में प्रोजेक्ट परिवर्तन का तीसरा प्रशिक्षण शिविर*

उल्लेखनीय है कि *"प्रोजेक्ट परिवर्तन- हुनर से पहचान"* के अंतर्गत मंडल कारा में यह तीसरा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बंदियों को विभिन्न रोजगारपरक गतिविधियों एवं कौशल प्रशिक्षणों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपनी सजा पूरी करने के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को फल एवं सब्जी उत्पादन तथा जैविक खाद निर्माण की जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल भविष्य में उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

*◆ उपायुक्त ने बंदियों को नई शुरुआत के लिए किया प्रेरित*

*प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि प्रोजेक्ट परिवर्तन के माध्यम से जिला प्रशासन का प्रयास बंदियों को ऐसे उपयोगी एवं रोजगारपरक कौशल से जोड़ना है, जिससे वे कारा से बाहर निकलने के बाद सम्मानपूर्वक अपना जीविकोपार्जन कर सकें। उन्होंने बंदियों को जीवन में हुई गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने तथा भविष्य में उनका दोहराव नहीं करने के लिए प्रेरित किया। उपायुक्त ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का बेहतर उपयोग अपने भविष्य को नई दिशा देने में करने की अपील की।*

*◆ सिलाई एवं कपड़ा निर्माण केंद्र का किया अवलोकन*

प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने के उपरांत उपायुक्त ने मंडल कारा परिसर में संचालित सिलाई केंद्र एवं कपड़ा निर्माण केंद्र का भी अवलोकन किया। उन्होंने केंद्रों पर संचालित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की तथा बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था का जायजा लिया। कारा परिसर में संचालित विभिन्न कौशल विकास गतिविधियों के माध्यम से बंदियों को उपयोगी हुनर से जोड़ने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

*◆ सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी किया निरीक्षण*

मंडल कारा भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने कारा में अधिष्ठापित सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कारा परिसर की निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

*◆ कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर पहल*

"प्रोजेक्ट परिवर्तन- हुनर से पहचान" के माध्यम से जिला प्रशासन बंदियों के कौशल विकास और सकारात्मक पुनर्वास की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को उनके जीवन की नई शुरुआत के लिए आवश्यक हुनर उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार या स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें। व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण शिविर इसी उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो बंदियों को हुनर के माध्यम से नई पहचान और सम्मानजनक भविष्य की ओर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा।

Post a Comment

Do live your Comments here! 👇

Previous Post Next Post