खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : उपायुक्त

खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : उपायुक्त



खाद्य सुरक्षा लाइसेंस निर्गमन हेतु अनुमंडलवार शिविर आयोजित होंगे, होटल-रेस्टोरेंट, वाटर फिल्टर संयंत्र एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश



संतोष वर्मा

Chaibasaःपश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी सहित सदर चाईबासा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर एवं जगन्नाथपुर अनुमंडल के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी खाद्य व्यवसायियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लाइसेंस एवं पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अनुमंडलवार विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों की तिथि पूर्व निर्धारित कर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिकाधिक खाद्य व्यवसायी इसका लाभ उठा सकें। साथ ही जिन खाद्य व्यवसायियों के लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है, उनका समय पर नवीकरण सुनिश्चित कराया जाए, जिससे बिना वैध लाइसेंस के किसी भी प्रकार का खाद्य व्यवसाय संचालित न हो।

उपायुक्त ने जिले में संचालित सभी वाटर फिल्टर संयंत्रों एवं पेयजल आपूर्ति करने वाले व्यवसायियों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता एवं शुद्धता की निरंतर जांच की जाए। यदि किसी भी स्तर पर मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए। बैठक में जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई दुकान एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, स्वच्छ वातावरण, कर्मचारियों द्वारा अपनाए जा रहे स्वच्छता मानकों तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी सभी निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विभाग द्वारा समय-समय पर जारी सभी दिशा-निर्देशों एवं मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा इसके प्रयोग पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही तंबाकू एवं संबंधित उत्पादों के विक्रय एवं उपयोग से जुड़े प्रावधानों का भी नियमित निरीक्षण किया जाए। बैठक में आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में तैयार होने वाली मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों, खाद्य तेल, मसालों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए। आवश्यकतानुसार खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित कर उनकी जांच कराई जाए तथा मिलावट अथवा निम्न गुणवत्ता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि खाद्य व्यवसायी खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं पकाने में मानक एवं शुद्ध खाद्य तेल का ही उपयोग करें। निरीक्षण के दौरान इस पहलू की विशेष रूप से जांच की जाए तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता न होने दिया जाए। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि *"जनस्वास्थ्य की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना सभी संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो, इसके लिए नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी कार्रवाई सतत जारी रहेगी।

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