मंडल कारा, चाईबासा का उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा किया संयुक्त औचक निरीक्षण
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि “कारा की सुरक्षा व्यवस्था एवं बंदियों के कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण आवश्यक है
पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा कि “कारा सुरक्षा राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है
संतोष वर्मा
Chaibasa ःपश्चिमी सिंहभूम जिला उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने आज संयुक्त रूप से मंडल कारा, चाईबासा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य कारा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों के रख-रखाव, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा कारा प्रशासन की कार्यप्रणाली का जायजा लेना रहा। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने कारा परिसर के विभिन्न वार्डों, बैरकों, सुरक्षा व्यवस्थाओं, प्रवेश एवं निकास बिंदुओं सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का गहन निरीक्षण किया। इस क्रम में कारा परिसर में किसी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री, प्रतिबंधित वस्तु अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त नहीं हुई। कारा की सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रशासनिक प्रबंधन संतोषजनक पाया गया।
निरीक्षण के दौरान वरीय अधिकारियों ने सुरक्षा प्रहरियों एवं कारा कर्मियों को सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कारा की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी तथा नियमित निगरानी एवं सतत सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है।
इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि “कारा की सुरक्षा व्यवस्था एवं बंदियों के कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण आवश्यक है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था की प्रभावशीलता सुनिश्चित होती है तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निरंतर समीक्षा की जा सकती है।”वहीं पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा कि “कारा सुरक्षा राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सभी सुरक्षा कर्मियों को पूर्ण सतर्कता, अनुशासन एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।”
जिला प्रशासन द्वारा आगे भी कारा एवं अन्य संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण एवं मूल्यांकन जारी रखा जाएगा, ताकि कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

