राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन, 4.97 लाख से अधिक बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को खिलाई जा रही कृमिनाशक दवा
उपायुक्त मनीष कुमार नें कहा कि स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला हैं
संतोष वर्मा
Chaibasa ःराष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन नगरपालिका आदर्श मध्य विद्यालय- चाईबासा में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार ने सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को एल्बेंडाजोल खिलाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया।राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जिले भर में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 4,97,431 बच्चों, किशोरों एवं किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों के माध्यम से चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य बच्चों को आंतों में होने वाले कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखना, उनके पोषण स्तर में सुधार लाना तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य अभियान है, जिसके माध्यम से बच्चों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला हैं। जिले के सभी अभिभावकों से उन्होंने अपील की कि वे अपने बच्चों को कृमिनाशक दवा अवश्य दिलाएं तथा इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग करें।सिविल सर्जन डॉ.जुझार माझी ने कहा कि कृमि संक्रमण के कारण बच्चों में एनीमिया, कुपोषण, कमजोरी, पेट दर्द तथा पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। एल्बेंडाजोल दवा पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है तथा इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप बच्चों को दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को किसी कारणवश आज दवा नहीं मिल पाएगी, उन्हें मॉप-अप दिवस के दौरान कृमिनाशक दवा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि कोई भी पात्र बच्चा अभियान से वंचित न रहे।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को कृमि संक्रमण के कारण, लक्षण, बचाव एवं स्वच्छता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। उन्हें नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ भोजन एवं पेयजल का उपयोग करने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया।
जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से संचालित इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शिक्षकों, सेविकाओं, सहायिकाओं, स्वास्थ्यकर्मियों एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन के पदाधिकारी, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

