चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में बढ़ती गर्मी और पेयजल संकट को देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चाईबासा द्वारा विशेष अभियान चलाकर विभिन्न प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत की गई। शुक्रवार को चलाए गए अभियान के तहत कुल 30 चापाकलों की मरम्मत की गई, जबकि आरआरपी योजना के अंतर्गत 15 अतिरिक्त चापाकलों को भी दुरुस्त कर पुनः चालू कराया गया। इस प्रकार जिले में कुल 45 चापाकलों को मरम्मत कर ग्रामीणों के लिए पेयजल सुविधा बहाल की गई। यह अभियान सदर (चाईबासा), झींकपानी, जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, टोंटो, तांतनगर, हाटगम्हरिया, मंझगांव एवं कुमारडुंगी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों और गांवों में चलाया गया। विभागीय टीम ने गांवों में पहुंचकर खराब पड़े चापाकलों की तकनीकी जांच कर उन्हें दुरुस्त किया।
सदर प्रखंड के गाईसूटी पंचायत स्थित फिचिहातु गांव एवं बादुड़ी पंचायत के कातिगुटु गांव में कई चापाकलों को चालू कराया गया। वहीं झींकपानी प्रखंड के हाथीमंडा गांव, जगन्नाथपुर प्रखंड के करजिया पंचायत, नोवामुंडी प्रखंड के कोटगढ़ पंचायत तथा टोंटो प्रखंड के पुरानापानी पंचायत में भी खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई गई।
इसके अलावा तांतनगर, हाटगम्हरिया, मंझगांव एवं कुमारडुंगी प्रखंड के विभिन्न गांवों में भी चापाकलों को दुरुस्त कर पुनः चालू किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
