चाईबासा/संतोष वर्मा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के तत्वावधान में शनिवार को चाईबासा व्यवहार न्यायालय एवं चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सह कार्यकारी अध्यक्ष झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची माननीय न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से किया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में चाईबासा न्यायालय में नौ तथा चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में तीन न्यायपीठों का गठन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन एवं विभिन्न न्यायालयों में लंबित कुल 1,32,336 मामलों का निष्पादन किया गया। इनमें बैंक, ट्रैफिक चालान, राजस्व, बीएसएनएल, उपभोक्ता न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय, आपराधिक शमनीय वाद, बिजली विभाग, भूमि अधिग्रहण, मोटर दुर्घटना दावा, कुटुंब न्यायालय, एनआई एक्ट समेत अन्य मामलों का निपटारा शामिल रहा।
लोक अदालत के दौरान कुल 37 करोड़ 52 लाख 542 रुपये का समायोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने बताया कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देशानुसार प्रत्येक तीन माह में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, ताकि लोग आपसी सुलह के माध्यम से अपने मामलों का त्वरित निष्पादन करा सकें।
मौके पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सूर्य भूषण ओझा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विनोद कुमार सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पीयूष श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षत श्रीवास्तव, सिविल जज सीनियर डिवीजन एंजेलिना नीलम मड़की, रेलवे दंडाधिकारी मंजीत कुमार साहू, न्यायिक दंडाधिकारी पूजा पांडेय, उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह सहित कई न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में एडीजे प्रथम अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कृष्णा लोहरा एवं अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अंकित कुमार सिंह ने मामलों का निष्पादन किया।
