चक्रधरपुर: सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र की सांसद जोबा माझी और मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जगत माझी की सादगी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई। मंगलवार को दोनों गुदड़ी प्रखंड के लिगिर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां कार्यक्रम समाप्ति के बाद ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया।
जानकारी के अनुसार जंगल और पहाड़ी क्षेत्र से घिरे गांव में आयोजकों ने ग्रामीणों सहित सांसद और विधायक के लिए जमीन पर बैठकर भोजन करने की व्यवस्था की थी। सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी बिना किसी झिझक के ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठ गए। सखुआ पत्तल में परोसे गए भोजन को दोनों ने ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए ग्रहण किया।
भोजन के दौरान कुछ ग्रामीण सांसद और विधायक को जमीन पर बैठा देख असहज महसूस करने लगे। इस पर सांसद जोबा माझी ने सहजता से कहा कि वह एक आंदोलनकारी शहीद परिवार से आती हैं और राजनीति में कितना भी बड़ा पद मिल जाए, जमीन से उनका जुड़ाव कभी खत्म नहीं होगा।
गौरतलब है कि सांसद जोबा माझी के पति स्वर्गीय देवेंद्र माझी ने सारंडा-पोड़ाहाट क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन के अधिकार के लिए संघर्ष करते हुए शहादत दी थी। बताया जाता है कि देवेंद्र माझी के विधायक रहने के दौरान भी जोबा माझी चक्रधरपुर के इतवारी बाजार में सब्जी बेचती थीं। राजनीति के उच्च पद पर पहुंचने के बावजूद वह आज भी खेती-बाड़ी और घरेलू कार्यों से जुड़ी हुई हैं।


