सरायकेला: आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड 15 निर्मल नगर की समस्या न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है, बल्कि वहां के निवासियों के मौलिक अधिकारों और स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है।हल्की बरसात ने ही नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हल्की बारिश में ही नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं। सड़कें तालाब बन जाती हैं। घरों में गंदा पानी घुस जाता है। फर्नीचर, अनाज, कपड़े सब बर्बाद हो रहे हैं। बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है। बुजुर्ग घर में कैद हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
सालों से शिकायत करने के बावजूद आज तक नालियों का निर्माण नहीं हो सका है। जिसके कारण बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गंदे नालियों का पानी घरों में घुसने से सामान को क्षति पहुंच रही है वहीं रहने और खाने को लेकर भी कई सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं एवं छोटे स्कूली बच्चों को आने जाने में कई सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
जब जलजमाव और नालियों का गंदा पानी घरों में घुसने लगे तो यह केवल संपत्ति का नुकसान नहीं है, बल्कि डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों को सीधा निमंत्रण है। बुजुर्गों और स्कूली बच्चों के लिए कीचड़ भरी सड़कों पर चलना किसी जोखिम से कम नहीं है। बरसात का पानी सूखने के बाद पूरा मार्ग कीचड़ नुमा हो जाता है। यह स्थिति आज से नहीं कई वर्षों से है। समय पर स्ट्रीट लाइटों की भी मरम्मत नहीं की जाती है। अंधेरे में कीचड़ से भरी सड़क पर हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
