चाईबासा: श्रम अधीक्षक चाईबासा के निर्देश पर मंगलवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में श्रम विभाग की ओर से औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों ने कार्य स्थलों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर श्रमिकों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों, न्यूनतम मजदूरी तथा श्रम कानूनों के अनुपालन की जांच की। साथ ही श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविर भी आयोजित किए गए।
मनोहरपुर में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अजय द्वारा बोरिंग कार्य स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यरत मजदूरों के सुरक्षा मानकों, न्यूनतम मजदूरी भुगतान एवं अन्य श्रम कानूनों से संबंधित प्रावधानों की जांच की गई।
वहीं चक्रधरपुर में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी साजेश महतो ने पूर्व भाजपा विधायक द्वारा प्राप्त शिकायत के आलोक में न्यूनतम मजदूरी एवं बाल श्रम संबंधी जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि मजदूरों को प्रतिदिन ₹500 की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा किसी भी प्रकार का बाल श्रम नहीं पाया गया। कार्यरत मजदूरों की दैनिक कार्य अवधि छह घंटे निर्धारित पाई गई।
गोईलकेरा में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी प्रभात मुंडा ने बिला पंचायत अंतर्गत ग्राम कुला में बीओसीडब्ल्यू स्कॉलरशिप योजना से जुड़े पांच आवेदकों का स्थलीय सत्यापन किया। इसके बाद ग्राम घोड़डुबा में एचएलबी सुपरवाइजर के रूप में अपने अधीनस्थ कर्मियों का निरीक्षण किया।
खूंटपानी में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी विकास कुमार सिन्हा ने दो दुकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान किसी भी प्रकार का बाल श्रमिक अथवा नशीले पदार्थ नहीं पाए गए। इसके अतिरिक्त उन्होंने जनगणना कार्य के तहत पर्यवेक्षक के रूप में सभी एचएलबी का निरीक्षण भी किया।
श्रम विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना, बाल श्रम पर रोक लगाना तथा विभागीय योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना बताया गया।
