देवेंद्र माझी के सपनों का गुदड़ी बनाना हमारी प्राथमिकता: जगत माझी
चाईबासा: गुदड़ी प्रखंड के लिगिर गांव में मंगलवार को मानकी मनोहर बरजो एवं झारखंड आंदोलनकारी नरेश बरजो के दुलसुनुम कार्यक्रम में सिंहभूम सांसद जोबा माझी और मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जगत माझी शामिल हुए। इस दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने विधि-विधान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने वन पट्टा वितरण में हो रही परेशानियों से सांसद और विधायक को अवगत कराते हुए समाधान की मांग की। साथ ही क्षेत्र की सड़क, पुल-पुलिया और मोबाइल नेटवर्क जैसी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। सांसद और विधायक ने सभी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।
सांसद जोबा माझी ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले यहां जंगल से पत्ता तोड़ना भी अपराध माना जाता था, लेकिन अब वन ग्रामों में रहने वाले लोगों को वन पट्टा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क और पुल-पुलिया निर्माण के कार्य भी तेजी से कराए जा रहे हैं। मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या पर उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और टेलीकॉम कंपनियों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है और जल्द ही इसका समाधान होगा।
उन्होंने कहा कि शहीद देवेंद्र माझी, नरेश बरजो और मनोहर बरजो के सपनों को साकार करने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। वहीं विधायक जगत माझी ने कहा कि सारंडा-पोड़ाहाट क्षेत्र के लोग उनके परिवार की तरह हैं और क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, लेकिन वन विभाग की अड़चनों के कारण कई योजनाओं को पूरा करने में विलंब होता है।
विधायक ने कहा कि शहीद देवेंद्र माझी ने यहां के लोगों को हक-अधिकार दिलाने के लिए लंबा संघर्ष किया था। यदि वनाधिकार पट्टा वितरण में देरी हो रही है तो लोगों को फिर से एकजुटता दिखाने की जरूरत है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे तिथि तय करें, वे उपायुक्त समेत सभी विभागीय अधिकारियों को गांव लेकर आएंगे ताकि समस्याओं का समाधान किया जा सके।
इससे पूर्व ग्रामीणों ने सांसद और विधायक का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। कार्यक्रम में मानकी बिरसा बरजो, झामुमो गुदड़ी प्रखंड अध्यक्ष सुनील बुढ़, रोलेन बरजो, फ्रांसिस जेवियर केसरा, गोसनर बरजो, रंजीत सुरीन, प्रेमचंद लोमगा, जॉन बरजो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

