जिला में स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था के खिलाफ एक आवाज के तहत 26 मई को धरना प्रदर्शन

 जिला में स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था के खिलाफ एक आवाज के तहत 26 मई को धरना प्रदर्शन



डीसी साहब यहां तो आरटीआई के तहत जबाब मांगें जाने पर भी नहीं मिलता जबाब, दवा की खरिददारी पर हूआ है बढ़ा घोटाला



 santosh verma

Chaibasaःपश्चिम सिंहभूम में स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था एवं लापरवाही के खिलाफ लोग गोलबंद होना शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था के खिलाफ 26 में को सदर अनुमंडल कार्यालय के समीप धरना प्रदर्शन किया जाएगा। यह जानकारी आज प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल, रेयांश सामड ने दी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री सामाड ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अव्यवस्था के खिलाफ अब सवाल आपसे है... कब तक चुप रहेंगे? कब तक अपने बच्चों, माताओं पिताओं को इस लापरवाही का शिकार बनने देंगे।

श्री कुंकल ने कहा कि सदर अस्पताल चाईबासा में व्याप्त गंभीर चिकित्सा सुविधाओं की कमी, डॉक्टरों की भारी कमी, दवाओं एवं ब्लड की अनुपलब्धता तथा लगातार लापरवाही हो रही है। सदर अस्पताल, जिले के गरीब, आदिवासी एवं वंचित परिवारों का अंतिम सहारा था, लेकिन आज यह अस्पताल मौत का फरिश्ता बन चुका है। स्त्री रोग, मानसिक रोग, चर्म रोग समेत अनेक जरूरी विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी के कारण सामान्य बीमारियों में भी मरीजों को जमशेदपुर या रांची भागना पड़ रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में माधव चंद्र कुंकल, रेयांश सामड, संजय सरील देवगम, अमन सवैया, कुंदन सिंकू, मनोज गोप आदि मौजूद थे।

ये हैं मांगे :-

1. ब्लड बैंक का तुरंत अपग्रेड कर सुचारू रूप से चालू और नियमित 3 माह में ऑडिट करें। ब्लड बैंक को 3 शिफ्ट में चलाया जाए एवं टेक्नीशियन की संख्या हर शिफ्ट में 4 होनी चाहिए।

2. रात्रि पाली में इमरजेंसी वार्ड में कार्यरत डॉक्टर को ही वार्ड के मरीजों के आपात स्थिति होने पर सेवा देना पड़ता है, इस कमी को अभिलंब व्यवस्थित कर समुचित सेवा दिया जाए।

3. यूएसजी प्रत्येक दिन अनिवार्य करें। सीटी स्कैन, एमआरआई मशीन की सेवा अभिलंब चालू किया जाए। सभी गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों को स्थाई नियुक्ति की जाए।

4. एचआईबी पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और आजीवन इलाज और परिवार के एक एक सदस्य को अस्पताल परिसर में स्थाई नौकरी।

5. जेल कार्ड इनक्यूबेटर और अपकेंद्रित्र से मरीजों का क्रॉस मैचिंग कराया जाए। मरीजों में रिएक्शन को देखते हुए स्लाइड विधि को अभिलंब रोक लगा दिया जाए।

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