झामुमो (छात्र मोर्चा) 15 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन करेगा : बुधराम लागुरी

झामुमो (छात्र मोर्चा) 15 मई  को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन करेगा : बुधराम लागुरी 

केंद्र की भाजपा सरकार देश के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है : झामुमो 

 santosh verma

Chaibasa: देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षा NEET (UG) 2026 को रद्द करने के विरोध में कल 15 मई 2026 को झामुमो  के वर्ग संगठन छात्र मोर्चा की जिला समिति के तत्वावधान में मंत्री,धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय का पुतला दहन चाईबासा के तम्बो चौक में दिन के 11 बजे किया जायेगा. यह जानकारी झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है. श्री लागुरी ने कहा कि उक्त मामला पूर्णतः छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है तथा ऐसे मांमले केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के गैरजिम्मेदार रवैये को प्रदर्शित करता है. NEET (UG) परीक्षा विवाद पर छात्रों में आक्रोश है और केंद्र सरकार के रवैये पर उठे सवाल देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) से जुड़े हालिया विवाद और परीक्षा केंद्रों पर भारी गड़बड़ी की शिकायतों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी National Testing Agency (NTA) ने 12 मई 2026 को उक्त परीक्षा को रद्द करने की आधिकारिक घोषणा कर दी।  इसके रद्द होने की घटना ने लाखों छात्रों एवं अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द किए जाने से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस पूरे मामले को लेकर झामुमो और छात्र मोर्चा (झामुमो वर्ग संगठन )समेत विभिन्न छात्र संगठनों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार तथा केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। श्री लागुरी का कहना है कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई है, लेकिन इसके संचालन में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं केंद्र सरकार की लापरवाही और गैरजिम्मेदार व्यवस्था को उजागर करती हैं। श्री लागुरी ने आरोप लगाया कि वर्षों की मेहनत, मानसिक दबाव और आर्थिक कठिनाइयों के बीच परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के साथ यह अन्यायपूर्ण व्यवहार है। इन्होने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली सुरक्षित और पारदर्शी नहीं रहेगी, तो युवाओं का शिक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थानों पर से भरोसा कमजोर होगा। कई स्थानों पर छात्रों ने प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग भी की है। झामुमो का मानना है कि केंद्र सरकार को परीक्षा संचालन एजेंसियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए और ऐसी मजबूत व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके। साथ ही छात्रों के मानसिक तनाव को ध्यान में रखते हुए जल्द स्पष्ट निर्णय लेने की भी मांग की गई है। श्री लागुरी ने कहा कि इस मामले ने एक बार फिर देश की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

Post a Comment

Do live your Comments here! 👇

Previous Post Next Post