मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों की पहचान कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में लापता बच्चों और महिलाओं के मामलों को लेकर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई कर सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
नशीले पदार्थों के कारोबार पर सख्ती दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने ड्रग्स सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए और इस धंधे से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने खूंटी, चतरा और रांची जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही आम लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की हिदायत देते हुए कहा कि वे नियमित रूप से जनता से संवाद करें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करने पर भी विशेष बल दिया गया।
संगठित अपराध और भूमि विवादों पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भू-माफियाओं को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि हिरासत के दौरान किसी भी तरह की यातना या मृत्यु की घटना को सरकार गंभीरता से लेगी।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
