चाईबासा/संतोष वर्मा: पूर्व सांसद सह भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने शनिवार को चाईबासा में आयोजित प्रेसवार्ता में गुवा स्थित सेल लौह अयस्क खदान में भ्रष्टाचार, निविदा अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।
गीता कोड़ा ने बताया कि वर्ष 2024-25 के लिए सेल द्वारा निविदा संख्या BSL/JGOM/CC/03/2024-25 दिनांक 06 जून 2024 को जारी की गई थी। इसके तहत खुदाई, क्रशिंग, स्क्रीनिंग, स्टॉकिंग और ट्रांसपोर्टिंग का संयुक्त कार्य ठेकेदार राकेश कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया था। निविदा के अनुसार करीब 23.88 लाख टन लौह अयस्क के प्रसंस्करण एवं परिवहन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यादेश संख्या JGOM/BSL/CC23/WO/09 दिनांक 29 सितंबर 2024 के तहत ठेकेदार द्वारा निविदा शर्तों का उल्लंघन किया गया। निविदा में ROM लौह अयस्क की क्रशिंग, स्क्रीनिंग और निर्धारित आकार में पृथक्करण अनिवार्य था, लेकिन वास्तविक रूप से केवल स्क्रीनिंग का कार्य किया गया और क्रशिंग नहीं की गई। इसके बावजूद पूर्ण कार्य दर्शाकर करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया।
पूर्व सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि स्क्रीनिंग के बाद लौह अयस्क को निर्धारित स्टॉक यार्ड में रखने के बजाय लगभग दो किलोमीटर दूर पहाड़ी के पीछे छिपाकर रखा गया, ताकि वास्तविक कार्य प्रणाली और निगरानी प्रक्रिया से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि इस मामले में सेल के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
गीता कोड़ा ने कहा कि बिना वास्तविक सत्यापन के भुगतान किया जाना राष्ट्रीय संपत्ति और सरकारी राजस्व की खुली लूट है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
