चाईबासा/संतोष वर्मा: जैंतगढ़ स्थानीय ईदगाह में अकीदत के साथ बकरीद की नमाज अदा की गई।मुसलमानों का दूसरा सबसे बड़ा पर्व के अवसर पर जैंत गढ़ स्थानीय ईदगाह में छ बजे ईदुल अजहा की नमाज अदा की गई। इमामत हजरत मौलाना हंजला रफी ने की। ईदुल अजहा की नमाज में मर्द औरत बच्चे सभी शरीक हुए। नमाज से पूर्व समुदाय के लोग गुसुल कर पाक साफ नए कपड़े पहने अतर सुरमा लगा कर तकबीर कहते हुए ईदगाह पहुंचे और दो रिकॉत नमाज अदा की। नमाज के बाद खुतबे को संबोधित करते हुए हंजला रफी ने कहा बकरीद मात्र जानवरों की कुर्बानी का पर्व नहीं हैं। बकरीद अपने गुरूर,घमंड,ईर्ष्या द्वेष नफरत सबको कुर्बान करने का पर्व है।इस अवसर पर देश दुनिया में अमन चैन की दुआ मांगी गई।लोगो ने मुसाफा करके और गले मिलकर एक दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर प्रशाशन अलर्ट रही। जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रफाएल मुर्मू दल बल के साथ मौजूद रहे। उन्होंने समुदाय के लोगों की बकरीद की मुबारकबाद दी।
समुदाय के लोगों ने की बकरों की कुर्बानी, कुर्बानी का तोहफा किया गया वितरित
जैंतगढ़ में बकरीद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समुदाय के लोगों ने बकरों की कुर्बानी दी। पहले दिन 63 बकरों की कुर्बानी दी गई।कुर्बानी का तोहफा वितरित किया गया। लोगो ने खुद भी सेवन किया।रिश्तेदारों को भी खिलाया। गरीबों के बीच कुर्बानी का तोहफा वितरित किया गया। यारो दोस्तो की दावत की गई।


