जिला उपयुक्त मंत्री दीपक बिरूवा सांसद जोबा मांझी सहित क्षेत्र के सभी विधायक आएंगे झींकपानी, सुनेंगे मजदूरो का दर्द एसीसी के पदाधिकारीयों साथ होगी त्रिपक्षीय वार्ता!
चाईबासा/संतोष वर्मा: मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एसीसी सीमेंट प्लांट बंद ना हो इसके लिए एसीसी बचाओ संघर्ष समिति का गठन भी किया गया है। एसीसी अदानी सीमेंट प्लांट झींकपानी में बीते 30 अप्रैल से शटडाउन के नाम पर मजदूरों की छंटनी की जा रही है। शटडाउन से स्थानीय मजदूरों के सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा कर दिया है। प्लांट का पावर हाउस बंद कर दिया गया है, लोडिंग अनलोडिंग सहित डिस्पैच कार्य पूरी तरह बंद होने और प्लांट के पट पूर्जा सहित स्टॉक में रखा कोयला सेलेक और कीलंकर को भी वापस अन्य प्लांट में शिफ्ट करने से मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों को प्लांट बंद होने का डर सताने लगा है। वही प्लांट बंद करने का अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जिसको लेकर लगातार मजदूरों का बैठक का दौरा चालू है मजदूरों सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि हमारे झींकपानी की धड़कन इस कारखाने की गूँज में पली बढ़ी है। आजादी से पहले स्थापित इस एसीसी प्लांट ने न जाने कितनी पीढ़ियों को रोजगार दिया,खेतों की उपज को व्यापार तक पहुंचाया और हमारे घरों की रोटी में इंकलाबी आत्मनिर्भरता भरी।
पर आज वही प्लांट, जिसकी ईंटों में हमारी यादें हैं बंद होने के कगार पर है। यह सिर्फ आर्थिक संकट नहीं-यह हमारी पहचान, हमारी यादों और हमारे बच्चों के भविष्य पर खतरे की घंटी है। हजारों परिवारों का जीवन सीधे-सीधे इस प्लांट से जुड़ा है-मजदूर, किसान, वाहन चालक, दुकानदार, ठेकेदार और स्थानीय आमजन। प्लांट बंद होने का मतलब है भूख, पलायन और स्थानीय अर्थव्यवस्था का विनाश। सभी ने मिलकर यह तय किया की धरोहर और अपनी आजीविका के साधन को खुद मारने नहीं देंगे अगर हम खामोश रहेंगे तो भावी पीढ़ी के सवाल के सामने कल पश्चाताप के आँसू बहाने के सिवाय कुछ नहीं रहेगा। इन समस्याओं को देखते हुए एसीसी बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया और 29 माई को जिला उपायुक्त और मंत्री श्री दीपक बिरूवा को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया था।
मजदूरों और स्थानीय झारखंड मुक्ति मोर्चा कार्यकर्ता प्रखंड अध्यक्ष सोगा बुडीऊली और स्थानीय मुखिया गुरुचरण मुंडा के नतृत्व में 26 माई को मंत्री दीपक बिरूवा से मिलकर अवगत कराया इसके बाद मंत्री श्री बिरुवा ने प्रखंड अध्यक्ष और मुखिया सहित मजदूरों से कहा कि इतनी धूप में आप लोगों को ज्ञापन देन आने की आवश्यकता नहीं है मैं पहला करूंगा जिला उपायुक्त सांसद और पश्चिम सिंहभूम के सभी विधयक एसीसी के पदाधिकारी ग्रामीणों और मजदूरों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हो। इसके बाद आज सुबह जोड़ापोखर में बैठक कर निर्णय लिया गया 29 माई की पदयात्रा को रद्द किया जाए और 31 माई रविवार को एसीसी प्रांगण में ही त्रिपक्षीय वार्ता होगी इसके लिए तैयारी भी की जा रही है।
