“20 से अधिक माइंस बंद, जनता के सहयोग से होगा बड़ा आंदोलन” : मधु कोड़ा
santosh verma
Chaibasaःपूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने बंद पड़ी लौह अयस्क खदानों, बढ़ती बेरोजगारी और पलायन को लेकर झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय माइंस खुलवाने, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और जल-जंगल-जमीन पर आदिवासी-मूलवासी अधिकार की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है। आज बड़ाजामदा, नोवामुंडी, गुवा, किरीबुरू समेत पूरे खनन क्षेत्र के हजारों युवा बेरोजगारी और पलायन की मार झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब अखबारों और मीडिया के माध्यम से खुलकर जनता की पीड़ा सामने आ रही है। क्षेत्र के लोग रोजगार, व्यापार और आजीविका के संकट से परेशान हैं। जनप्रतिनिधियों की बेरुखी और निष्क्रियता के कारण जनता अपनी आवाज उठाने के लिए मीडिया का सहारा लेने को मजबूर हो गई है। यह सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
मधु कोड़ा ने कहा कि कुछ जनप्रतिनिधि केवल जनता को बरगलाकर चुनाव जीत रहे हैं, अन्यथा 20 से अधिक माइंस वर्षों से बंद नहीं रहतीं। खदान बंद होने से छोटे दुकानदार, ट्रांसपोर्टर, होटल व्यवसायी, मजदूर और ग्रामीण परिवार आर्थिक संकट में हैं, लेकिन झारखंड सरकार सिर्फ बयानबाजी में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों गुवा क्षेत्र में सेल प्रबंधन के खिलाफ हुए जनआंदोलन ने यह साबित कर दिया कि जब जनता संगठित होती है, तो सरकार और प्रबंधन दोनों को झुकना पड़ता है। यदि सरकार जल्द माइंस शुरू कराने, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और प्रभावित परिवारों के लिए ठोस नीति नहीं बनाती है, तो जनता के सहयोग से व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अब जनता केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहती है। सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना होगा और उनकी उचित मांगों को हर हाल में पूरा करना होगा।
