उपायुक्त चंदन कुमार नें जिला समाज कल्याण कार्यालय के माध्यम से क्रियान्वित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित किया समीक्षात्मक बैठक
जिले के दोनों पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चाईबासा और चक्रधरपुर के कार्यपालक अभियंता को, बिना किसी सूचना के बैठक में अनुपस्थित रहने के वजह से कारण पृच्छा करने और एक दिन का वेतन काटने का दिया निर्देश
संतोष वर्मा
Chaibasaःपश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दण्डाधिकारी- सह-उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण कार्यालय के माध्यम से क्रियान्वित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। उक्त समीक्षा बैठक में उपायुक्त के द्वारा जिले में मनरेगा अभिसरण अंतर्गत 151 आंगनवाड़ी केंद्र भवन निर्माण एवं समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 106 आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण से संबंधित प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया। जिसमें बताया गया कि मनरेगा अंतर्गत 96 आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण पुरा हो गया है तथा विभाग के माध्यम से स्वीकृत व भवन प्रमंडल-चाईबासा के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण की प्रक्रिया जारी है। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त के द्वारा निर्देश दिया गया कि वर्ष 2026 में जिले में अवस्थित सभी आंगनबाड़ी केंद्र का अपना भवन हो एवं कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मनरेगा अंतर्गत वैसे आंगनबाड़ी केंद्र, जिसमें अभी तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन सभी का पृथक सूची तैयार करते हुए कार्यालय को वापस समर्पित किया जाए। इस दौरान उपायुक्त के द्वारा शिक्षा विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के समन्वय से क्रियान्वित आंगनबाड़ी केंद्र एवं विद्यालय को-लोकेशन आधारित प्रतिवेदन का भी समीक्षा किया गया।
बैठक में उपायुक्त के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र भवन में पेयजल, शौचालय, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, विद्युत कनेक्शन आदि, आधारित प्रतिवेदन की समीक्षा के क्रम में जिले के दोनों पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चाईबासा और चक्रधरपुर के कार्यपालक अभियंता को, बिना किसी सूचना के बैठक में अनुपस्थित रहने के वजह से कारण पृच्छा करने और एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा मार्च महीने में 20 दिनों से कम संचालित होने वाले 157 आंगनबाड़ी केंद्र के संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को भी कारण पृच्छा करने के संदर्भ में निर्देशित किया गया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिला अंतर्गत विभिन्न प्रखंडों में कुल 12 सेविका एवं 20 सहायिका के पद रिक्त हैं। जिस पर उपायुक्त के द्वारा निर्देश दिया गया कि वैसे आंगनबाड़ी केंद्र, जहां सेविका/सहायिका निकट भविष्य में सेवानिवृत हो रहे हैं अथवा यह दोनों पद खाली हैं, उन सभी स्थानों पर नियमानुसार नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ किया जाए, साथ ही यह ध्यान देना है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर कोई भी नियुक्ति ना हो। इसके अलावा बैठक में पोषण ट्रैकर के सभी संकेतकों, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, समर कार्यक्रम एवं पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम से संबंधित प्रतिवेदन का भी समीक्षा किया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।
उक्त बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग, कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल, अभियंता भवन प्रमंडल, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, कनीय अभियंता सहित सभी महिला पर्यवेक्षिका उपस्थित रहे।

