चाईबासा: झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची द्वारा घोषित मैट्रिक परीक्षा परिणाम में पश्चिमी सिंहभूम जिले ने इस वर्ष 94.70 प्रतिशत परिणाम के साथ राज्य में 17वाँ स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। इस उपलब्धि से जिले के शिक्षा जगत में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ, पश्चिमी सिंहभूम के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें बुके भेंटकर सम्मानित किया तथा उनके सुदृढ़ मार्गदर्शन, प्रेरणा और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह सफलता जिला शिक्षा प्रशासन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि पूर्व वर्षों में जिला लगातार राज्य के अंतिम पायदानों पर रहा करता था, लेकिन इस वर्ष उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है।
संघ ने इस सफलता में “टेस्ट सेतु अभियान” की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। इस अभियान के तहत विद्यालयों में नियमित परीक्षण, शैक्षणिक अनुश्रवण एवं विशेष तैयारी कार्यक्रम संचालित किए गए, जिससे विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी मजबूत हुई। इसी का परिणाम है कि कक्षा 9वीं में भी 98.76 प्रतिशत का बेहतर परिणाम प्राप्त हुआ है। जिले में भौगोलिक विषमताओं, गणित एवं विज्ञान शिक्षकों की कमी तथा बड़ी संख्या में शिक्षकों के प्रतिनियोजन जैसी चुनौतियों के बावजूद यह सफलता हासिल की गई है। वहीं, जिले में हाल ही में पदभार ग्रहण करने वाले उपायुक्त मनीष कुमार ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रुचि दिखाते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि आने वाले वर्षों में पश्चिमी सिंहभूम जिला राज्य के शीर्ष पाँच जिलों में स्थान बनाएगा।
इस अवसर पर संघ के जिला अध्यक्ष अर्जुन पूर्ति, कोषाध्यक्ष मंजीत बानरा, प्रमंडलीय सदस्य विनोद कुमार ओझा, जिला उपाध्यक्ष संजय देवगम, प्लस टू से विश्वजीत दत्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। संघ ने जिले के सभी शिक्षकों, शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यार्थियों को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई है।
