सीएम हाउस के सूत्रों के अनुसार असम चुनाव के बाद ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता मनोहर कुमार और सरवन कुमार पर निलंबन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है?


ED के सम्मन मिलने वाले अभियन्ता की सेवा वापस करेगी विभाग: सूत्र


ग्रामीण कार्य विभाग एवं ग्रामीण विकास विशेष के सेवा निवृत्त अभियंताओं पर भी ED के सम्मन के आलोक में विभाग कार्रवाई करने वाली है: सूत्र

ग्रामीण कार्य विभाग के अभियन्ता जो ED का सामना कर रहे हैं ,वैसे अभियंताओं की आय से अधिक संपत्ति की जांच करेगी ACB: सूत्र



बिड validity बढ़ाने की नौबत क्यूँ आयी, टेन्डर निष्पादन पर रोक का आदेश विभागीय सचिव ने नहीं दिया है: सूत्र



निविदा निष्पादन के विलम्ब होने से 15000 पर टन की बढोत्तरी होने का नुकसान का जिम्मेदार कौन है, यह सवाल संवेदक के सामने खड़ा है: सूत्र


DPR में स्टोन चिप्स जिस खदान से लीड यानी carriage करने का प्रावधान किया है, आज वह खदान बंद हो गया है, अब इसकी जवाबदेही किसकी है: सूत्र


क्या ग्रामीण कार्य विभाग के लम्बित निविदा से सम्बन्धित DPR मे अलकतरा में बढ़ोतरी और पत्थर खदान का लीड में संशोधित किया जाएगा? यह सवाल संवेदक लोगों के बीच खड़ा है.

समय पर निविदा निष्पादन नहीं होने को लेकर मनोहर कुमार और सरवन कुमार के साथ साथ अवधेश कुमार निलम्बित किए जा सकते हैं!

चाईबासा/संतोष वर्मा: ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव मनोज कुमार जल्द ही अपने विभाग के लंबित निविदाओं पर अभियन्ता प्रमुख मनोहर कुमार और सरवन कुमार के खिलाफ प्रपत्र क गठन करने तथा विभागीय कार्रवाई कर सकते हैं. गौर तलब है कि विभागीय मंत्री के मौखिक आदेश पर झारखण्ड राज्य का निविदा प्रक्रिया को बिना कारण के रोक दिया गया, जबकि निविदा पर रोक से सम्बन्धित कोई भी आदेश विभागीय रूप से निर्गत नहीं किया गया है. निविदा प्रक्रिया के रोक लगने से झारखण्ड राज्य में ग्रामीण विकास पर बुरा असर पड़ गया है, सड़क निर्माण एवं पुल निर्माण अटक गया है. विभागीय सूत्रों के अनुसार विभागीय सचिव इस सम्बन्ध में टेन्डर प्रक्रिया समय पर निष्पादन करने का निर्देश दिए हैं, लेकिन मन्त्रालय के सह पर अभियन्ता वर्ग कमिशन वसूली के लिए निविदा प्रक्रिया को लंबित रखा है.

सूत्रों के अनुसार जिन अभियंताओं को ED का सम्मन मिला है, उनकी सेवा वापस करने पर विभाग विचार कर रही है. ग्रामीण क्षेत्र के विकास में बाधा बनने वालों पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन काफी नाराज बताये जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार असम चुनाव के बाद सीएम हॉउस ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. विडंबना यह है कि बिड validity समाप्त होने के एक साल बीतने के बाद फिर से संवेदक लोगों से Bid validity बढ़ाने का letter लिया जा रहा है, यह नौबत क्यूँ आयी, इसका जिम्मेदार कौन है, इन सब समस्याओं पर सीएम हाऊस गंभीर है. सूत्रों के अनुसार समय पर निविदा निष्पादन नहीं होने को लेकर मनोहर कुमार और सरवन कुमार के साथ साथ अवधेश कुमार निलम्बित किए जा सकते हैं.

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