कांग्रेस पार्टी के द्वारा असम और बंगाल में गैर भाजपा दलों के साथ सीट शेरिंग नहीं करने के कारण अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को लाभ पहुंचाने से हेमन्त सोरेन काफी नाराज हैं. सूत्र

कांग्रेस पार्टी के द्वारा असम और बंगाल में गैर भाजपा दलों के साथ सीट शेरिंग नहीं करने के कारण अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को लाभ पहुंचाने से हेमन्त सोरेन काफी नाराज हैं. सूत्र



राजनीतिक सूत्रों के अनुसार 4 मई को बंगाल और असम के साथ अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आने के बाद राज्य हित में हेमन्त सोरेन बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं



असम और बंगाल चुनाव में हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन एक पोलिटिकल स्ट्रेटेजी के साथ कॉंग्रेस के खिलाफ मौन धारण कर मुख्य विरोधी दल भाजपा के खिलाफ मुखर हो कर सभी मामलों में जोरदार तरीके से विरोध किए हैं



हेमन्त सोरेन अपनी पार्टी का विस्तार राष्ट्रीय पार्टी के रूप में करने का विजन के साथ असम , बंगाल और ओड़िशा राज्य के आदिवासी बाहुल्य विधानसभा में राजनीतिक मैदान तैयार करने में लगे हैं. राजनीतिक सूत्र



संतोष वर्मा

Chaibasaः2026 के मई माह में झारखण्ड राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम देखने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है. 4 मई को सभी राज्य के विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद झामुमो के अंदर पक रही खिचड़ी को परोसा जाएगा. राजनीतिक गलियारों में झामुमो के उज्जवल भविष्य की कल्पना की जा रही है. हेमन्त और कल्पना की रणनीति का भी खुलासा हो सकता है. झामुमो जिस तरह कॉंग्रेस को नजरअंदाज कर अपने अकेले दम पर अन्य राज्यों में राजनीतिक मैदान तैयार करने में जुटी हुई है, उसे देखने के बाद यह साफ हो चला है कि अब कॉंग्रेस के बिना भी अपनी सरकार बनाने और अपनी राजनीतिक को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का प्लान बना चुकी है. सूत्रों के अनुसार असम चुनाव में झामुमो अपनी पार्टी के लिए राजनीतिक फसल बोने में सफल हो गई है, वहीँ बंगाल में अपनी भविष्य की राजनीतिक रणनीति के अनुसार झारखण्ड के बॉर्डर  में ममता दीदी की पार्टी TMC उम्मीदवार को जिताने के लिए चुनाव प्रचार करते हुए नजर आते दिखे. बंगाल में कल्पना और हेमन्त की जोड़ी ने कॉंग्रेस के साथ साथ भाजपा को भी भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार निकट समय में झामुमो ओड़िशा राज्य में अपनी पार्टी की पुरानी पहचान और विरासत को हासिल करने के लिए हेमन्त और कल्पना के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है. जिस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान ने अमेरिका और इजराइल को सकते में ला खड़ा कर दिया है, उसी तरह झामुमो ने अपनी राजनीतिक रणनीति से भाजपा और कॉंग्रेस को अपनी ताकत का एहसास करा दिया है.

Post a Comment

Do live your Comments here! 👇

Previous Post Next Post