चाईबासाःजिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो नें किया कस्तूरबा गांधी आवासिय विद्यालय टोंटो का औचक निरीक्षण, व्यवस्था की खोल दी पोल, लेखापाल फरार और रजिस्टर गायब, वार्डन भी नदारद
बिना ड्रेस स्कूल छोड़ गईं छात्राएं, फिर पैसा कहां गया? टोंटो कस्तूरबा विद्यालय में सामग्री आपूर्ति पर उठे बड़े सवाल
टोंटो स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में डीईओ के औचक निरीक्षण में वित्तीय धांधली और सामग्री आपूर्ति में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं
संतोष वर्मा
Chaibasaः पश्चिमी सिंहभूम जिले में शिक्षा विभाग की नाक के नीचे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में वित्तीय प्रबंधन और सामग्री आपूर्ति में गंभीर धांधली की आशंका गहरा गई है। ताजा मामला टोंटो स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का है, जहां जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) टोनी प्रेमराज टोप्पो के औचक निरीक्षण ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
ड्रेस गायब, छात्राएं पास आउट
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा स्कूल ड्रेस को लेकर हुआ। विद्यालय की छात्राओं को अब तक सत्र की पोशाक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कक्षा 10वीं और 12वीं की कई छात्राएं विद्यालय छोड़कर जा चुकी हैं, लेकिन उन्हें भी ड्रेस नहीं मिली। यह सीधे तौर पर ड्रेस आपूर्ति में बड़े पैमाने पर लापरवाही और सरकारी फंड के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।
बिरसा ट्रेडर्स ः फल, दूध, सब्जी, पोशाक और स्टेशनरी।
जोहार एंटरप्राइजेज : खाद्यान्न सामग्री।
सूत्रों के अनुसार, बिरसा ट्रेडर्स का संचालन शिक्षा विभाग से ही जुड़े एक रसूखदार व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। डीईओ ने जब भंडार गृह की जांच की, तो पाया कि हल्दी और सब्जी मसाला जैसी सामग्री निविदा (Tender) की शर्तों के अनुरूप नहीं थी।
हैरानी की बात यह है कि गुणवत्ता खराब होने के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की लेखापाल सह कंप्यूटर ऑपरेटर विनिया कुमारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाई गईं।
खाद्य सामग्री आपूर्ति में बिरसा ट्रेडर्स का खेल
विद्यालय में सामग्री आपूर्ति के लिए दो मुख्य फर्मों का चयन किया गया है :
फरार लेखापाल और गायब रजिस्टर
उपस्थिति पंजी में 'विशेष अवकाश' दर्ज था, लेकिन उसका कोई स्वीकृत आवेदन मौजूद नहीं था। नियमतः विशेष अवकाश के दौरान आवासीय परिसर में रहना अनिवार्य है।
जब डीईओ ने वार्डेन के माध्यम से उन्हें बुलाने की कोशिश की, तो उन्होंने आने से साफ इनकार कर दिया और अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इतना ही नहीं, विद्यालय की महत्वपूर्ण वित्तीय पंजियां (Registers) भी गायब मिलीं, जिससे अभिलेखों की जांच बाधित हुई।
कड़ी कार्रवाई : मानदेय और वित्तीय कार्यों पर रोक
छात्राओं के बयानों और स्थलीय जांच के आधार पर प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है। इसके बाद डीईओ ने निम्नलिखित सख्त कदम उठाए हैं:
