उपायुक्त चंदन कुमार नें कहा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में वर्ग 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाई में सहयोग हेतु अनुशिक्षक तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुउद्देशीय कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई है
चाईबासा/संतोष वर्मा: पश्चिमी सिंहभूम जिला के चाईबासा में कोल्हन विश्वविद्यालय परिसर स्थित सभागार में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के शासी परिषद की बैठक आहूत की गई। उक्त बैठक में मंझगांव विधायक निरल पूर्ति, खरसावां विधायक दशरथ गागराई, जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, डीएमएफटी, पश्चिमी सिंहभूम चंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेनू, वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक- आईटीडीए, अपर उपायुक्त, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सेल/टाटा स्टील के प्रतिनिधि, गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधि, 168 प्रभावित पंचायत के मुखिया गण व अन्य जनप्रतिनिधि के द्वारा भाग लिया गया। बैठक में सर्वप्रथम मंचासीन सभी अतिथियों को अंग वस्त्र एवं पौध प्रदान कर स्वागत किया गया तत्पश्चाप संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शासी परिषद की बैठक का शुभारंभ हुआ।
बैठक में उपस्थित विधायक गण एवं अन्य समिति सदस्यों व जनप्रतिनिधियों के द्वारा डीएमएफटी मद के निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावित पंचायत अंतर्गत सड़क कनेक्टिविटी, शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार, पेयजल आपूर्ति, रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं दिव्यांग कल्याण, कौशल विकास, कृषि, पशुपालन सहित सिंचाई आदि क्षेत्रों से संबंधित योजना के क्रियान्वयन हेतु अहम बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों को कुपोषण उन्मूलन एवं जोखिम तबके के बच्चों को परिवार आधारित देखभाल के लिए एसओएस चिल्ड्रन विलेज के संचालन से संबंधित प्रमुख बिंदुओं के बारे में अवगत करवाया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, डीएमएफटी चंदन कुमार ने कहा कि डीएमएफटी के माध्यम से योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन में शासी परिषद की बैठक एक अहम पड़ाव है, जहां जिला अंतर्गत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र से ग्राम सभा के माध्यम से क्षेत्र के सामुदायिक विकास हेतु चयनित एवं विधिवत्त कार्यालय को प्राप्त योजनाओं में से, निर्धारित मानकों के अनुरूप योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर संचालन हेतु प्रस्तावित किया जाता है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की मदद से पिछले कुछ समय में मौलिक नवाचार किया गया है और इसके तहत जिले में शिक्षा के क्षेत्र में वर्ग 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाई में सहयोग हेतु अनुशिक्षक तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुउद्देशीय कार्यकर्ता की नियुक्ति की गई है।
बैठक में उपायुक्त-सह-अध्यक्ष के द्वारा जिला अंतर्गत पूर्व से निर्मित मल्टी विलेज स्कीम/सिंगल विलेज स्कीम पेयजल आपूर्ति योजना का नियमित एवं उचित रखरखाव एवं संचालन सहित विभिन्न जलाशयों में जल संचयन को सुदृढ़ कर सिंचाई व्यवस्था को बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्तरोत्तर सुदृढ़ीकरण के लिए कृषि एवं कृषि आधारित अन्य कार्य, जैसे- पशुपालन, मत्स्य पालन, रेशम कीट पालन आदि का जिले में सुप्रबंध करने के संदर्भ में चर्चा किया गया। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के एएनसी जांच की व्यवस्था को सुदृढ़ करने, कुपोषण उन्मूलन हेतु दिए जाने वाले पौष्टिक आहार की उचित निगरानी व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने व एंबुलेंस व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण संबंधी विविध मुद्दों पर विस्तार से चर्चा किया गया।




