Saraikela-Court: सरायकेला-खरसावां में गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन, सिविल कोर्ट एवं मंडलीय जेल में विधिक जागरूकता एवं जेल अदालत का आयोजन


सरायकेला: सरायकेला-खरसावां में 76वें गणतंत्र दिवस का आयोजन गरिमामय एवं सामाजिक सरोकारों के साथ किया गया। इस अवसर पर ध्वजारोहण, जेल अदालत, चिकित्सा जांच एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत सिविल कोर्ट परिसर, सरायकेला-खरसावां में श्री रामाशंकर सिंह, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इस अवसर पर अन्य माननीय न्यायिक पदाधिकारी तथा जिला बार एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित थे।

तत्पश्चात, माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, श्री रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन एवं श्रीमती अनामिका किस्कू, सचिव, डीएलएसए (प्रभारी) के पर्यवेक्षण में मंडलीय कारागार, सरायकेला में जेल अदालत-सह-चिकित्सा जांच शिविर-सह-विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जेल अदालत में श्रीमती लूसी सोसेन टिग्गा, माननीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सरायकेला; श्रीमती अनामिका किस्कू; श्री आशीष अग्रवाल, माननीय अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी, सरायकेला; सहायक लोक अभियोजक; तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अधिवक्ता उपस्थित रहे।


इस अवसर पर श्री आशीष अग्रवाल, माननीय एसडीजेएम, ने बंदियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए 26 जनवरी 1950 के ऐतिहासिक महत्व, संविधान के मूल्यों एवं न्यायपालिका की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा बंदियों को देश का जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। माननीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सरायकेला, ने बंदियों से संवाद कर उनकी विधिक सहायता एवं प्रतिनिधित्व की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। कार्यक्रम की मेजबानी जेल अधीक्षक, जिला जेल, सरायकेला द्वारा की गई।

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जेल में आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बंदियों को माननीय न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, जेल परिसर की स्वच्छता बनाए रखने में योगदान देने वाले बंदियों को भी पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। जेल अदालत में कुल 06 आवेदन सुनवाई हेतु लिए गए, जिनमें से 04 बंदियों को रिहा किया गया, जो कार्यक्रम की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

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इसके उपरांत न्यायिक पदाधिकारियों ने महिला वार्ड का भ्रमण कर महिला बंदियों से संवाद किया एवं विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वाली महिला बंदियों को सम्मानित किया। महिला बंदियों द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिससे कार्यक्रम भावनात्मक एवं प्रेरणादायक बन गया। श्रीमती अनामिका किस्कू, सचिव डीएलएसए (प्रभारी), ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं अन्य कानूनी अधिकारों की जानकारी दी तथा पैरा लीगल वालंटियर्स को मामलों की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया।

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इसके अतिरिक्त, माननीय नालसा, नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देशानुसार नालसा वीर परिवार सहायता योजना (VPSY) 2025 के तहत प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु समर्पित है। यह आयोजन संविधान की भावना, न्याय, सुधार एवं समावेशी समाज के निर्माण के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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