Saraikela: राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सरायकेला सिविल कोर्ट में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया


सरायकेला: माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देशानुसार एवं श्री रमाशंकर सिंह, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर दिनांक 25.01.2026 को सिविल कोर्ट परिसर, सरायकेला में एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा मतदान के महत्व के प्रति जन-जागरूकता फैलाना था। 


इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें श्री बिरेश कुमार, माननीय प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सरायकेला; श्री बी. के. पाण्डेय, माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-I, सरायकेला; श्री दीपक मलिक, माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-II, सरायकेला; श्रीमती लूसी सोसेन टिग्गा, माननीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सरायकेला; श्रीमती अनामिका किस्कू, माननीय सिविल जज (वरीय वर्ग)-सह-न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम वर्ग-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (प्रभारी), सरायकेला; श्री आशीष अग्रवाल, माननीय अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सिविल जज (कनिष्ठ वर्ग)-सह-Principal Magistrate, किशोर न्याय बोर्ड, सरायकेला तथा श्रीमती धृति धैर्य, माननीय अपर सिविल जज (कनिष्ठ वर्ग)-सह-न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम वर्ग, सरायकेला शामिल थे।


इसके अतिरिक्त सिविल कोर्ट, सरायकेला के वर्ग-III एवं वर्ग-IV के कर्मचारी, साथ ही पैरा लीगल वालंटियर्स भी उपस्थित रहे। सभी उपस्थितजनों द्वारा सामूहिक रूप से शपथ ली गई, जिसमें संविधान के प्रति निष्ठा रखते हुए निष्पक्ष एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदान करने का संकल्प दोहराया गया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर भी शपथ ग्रहण समारोह एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को मतदान के महत्व से अवगत कराया गया तथा लोगों से आग्रह किया गया कि वे निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाएं।

कार्यक्रम में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य भी है। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के बिना लोकतंत्र फल-फूल नहीं सकता। सहभागी मतदान प्रणाली ही एक सशक्त एवं जीवंत लोकतंत्र की पहचान है। इन्हीं उद्देश्यों के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

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