ग्रामीण कार्य विभाग के चाईबासा प्रमंडलः एक सप्ताह में रिक्त पद पर प्रभारी या पदस्थापन नहीं किया गया तो संवेदक संघ के द्वारा विभाग का पुतला दहन किया जा सकता है!
संवेदक सूत्रों का मानना है कि नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर जिला में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता को कार्यकारी व्यवस्था के तहत प्रभारी नियुक्त करना चाहिए
सांसद जोबा मांझी ने विभागीय सचिव के श्रीनिवासन को ग्रामीण कार्य विभाग के चाईबासा प्रमंडल में शीघ्र पदस्थापन/ प्रभारी नियुक्त करने की मांग की है
विधायक सोनाराम सिंकु ने एक महीना पूर्व विभागीय मंत्री से पदस्थापन की मांग कर चुके है
सांसद ने जिला के विकास हित में गंभीरता दिखाते विभागीय सचिव से हुए फोन पर बात की
झारखण्ड राज्य भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के प्रदेश अध्यक्ष गणेश प्रसाद ने जनहित में पश्चिमी सिंहभूम जिला के कार्यपालक अभियंता चक्रधरपुर प्रमंडल में विशाल खलको को चाईबासा प्रमंडल में प्रभारी नियुक्त करने की लिखित मांग रखी है!
चाईबासा/संतोष वर्मा: जिला के विकास के प्रति गंभीर एवं जन हित में सांसद जोबा मांझी ने ग्रामीण कार्य विभाग के चाईबासा प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता की रिक्त पद पर प्रभारी नियुक्त करने के लिए विभागीय सचिव के श्रीनिवासन से फोन पर बात की है। विभागीय सचिव ने सांसद महोदया को आश्वस्त करते हुए कहा कि रिक्त पद पर कार्यपालक अभियंता की नियुक्ति जल्द कर देंगे। गौरतलब है कि दो माह पूर्व तत्कालीन कार्यपालक अभियंता राधेश्याम मांझी का सेवा निवृत्त होने से पद रिक्त हो गया है, उसके बाद आज तक विभाग किसी अभियंता का पदस्थापन या प्रतिनियुक्ति नहीं किया है, जिसके कारण अरबों राशि की सड़क योजना का कार्य ठप पड़ गया है, वहीं कराए गए सड़क निर्माण कार्य का भुगतान संवेदकों को नहीं होने से सदर अनुमंडल और जगन्नाथपुर अनुमंडल के सभी प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक मंदी देखी जा रही है। सबसे ज्यादा कोल्हान में आदिवासी समुदाय का बड़ा पर्व मागे पर्व भी इस समय आर्थिक मार का शिकार होने के आसार दिखने लगा है।
सूत्रों के अनुसार जगन्नाथपुर के विधायक सोनाराम सिंकु ने विभागीय मंत्री से पदस्थापन हेतु अनुशंसा किए हैं, लेकिन लम्बे समय बीतने के बाद भी पदस्थापन नहीं किया गया है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है कि ग्रामीण कार्य विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर लाखों की बोली बोलने से कतरा रहे हैं अभियंता, जिसका नतीजा है कि पदस्थापन की प्रकिया अधर में लटका हुआ है। अब देखना है कि सांसद जोबा मांझी के मौखिक अनुशंसा पर विभागीय सचिव जनहित में एवं जिला के विकास हित में खाली पड़े पद पर जिला में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता को प्रभारी नियुक्त करते हैं या मंत्री और सचिव के खींचतान में ग्रामीण क्षेत्र का विकास ठप हो जाएगा।


