डांगुवापोसी से आर-पार का ऐलान पिछड़ा वर्ग को तोड़ने की साजिश अब नहीं चलेगी: धी रामहरि पेरियार

डांगुवापोसी से आर-पार का ऐलान पिछड़ा वर्ग को तोड़ने की साजिश अब नहीं चलेगी: धी रामहरि पेरियार



गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन का बिगुल एकजुट हो या हाशिये पर धकेल दिए जाओ


संतोष वर्मा

Chaibasaःजगन्नाथपुर, डांगुवापोसी (डीपीएस) में रविवार को हुई बैठक साधारण चाय-चर्चा नहीं, बल्कि पिछड़ा वर्ग आरक्षण आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने वाली आक्रमणकारी रणनीतिक बैठक थी। गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में यह साफ कर दिया गया कि अब सरकार की उपेक्षा और समाज को आपस में बांटने की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने स्पष्ट शब्दों में कहा पिछड़ा वर्ग को अलग–अलग जातियों और उपजातियों में बांटकर कमजोर किया गया है। अब समय आ गया है कि हम यह भ्रम तोड़ें। अलग-अलग लड़कर कुछ नहीं मिलेगा, एकजुट होकर लड़ेंगे तभी हक मिलेगा। उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण कोई दया या कृपा नहीं, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है, जिसे साजिशों और बहानों के जरिए छीना जा रहा है। सरकार केवल आश्वासन देकर पिछड़ा वर्ग को शांत रखना चाहती है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि जिला स्तर से लेकर प्रशासनिक नियुक्तियों तक पिछड़ा वर्ग को योजनाबद्ध तरीके से बाहर रखा जा रहा है।

केंद्रीय अध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा अगर आज भी पिछड़ा वर्ग एक नहीं हुआ, तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।यह लड़ाई अब सम्मान, अस्तित्व और भविष्य की है।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब केवल ज्ञापन देने की राजनीति खत्म होगी। आने वाले समय में गांव–गांव जनजागरण,

युवाओं की निर्णायक भागीदारी,और जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक टकराव तय है। बैठक में केंद्रीय संरक्षक विपिन गोप और केंद्रीय उपाध्यक्ष भारत गोप की भी सशक्त उपस्थिति रही। दोनों नेताओं ने आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान करते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग को अब अपनी संख्या, शक्ति और संवैधानिक अधिकार का अहसास कराना होगा। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में जिले में निकल रही जिला सदस्य सहित अन्य विभिन्न वैकेंसियों में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी शून्य है, जबकि योग्य, शिक्षित और पेशेवर पिछड़ा वर्ग के युवाओं को जानबूझकर हाशिये पर धकेला जा रहा है। यह सीधा-सीधा सामाजिक अन्याय और संवैधानिक उल्लंघन है।

डांगुवापोसी की इस बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया कि पिछड़ा वर्ग अब चुप नहीं रहेगा। अब सहन नहीं करेगा। अब हक लेकर ही रुकेगा।अंत में जिले के समस्त पिछड़ा वर्ग समाज से आह्वान किया गया कि वे इस आंदोलन को अपनी निजी लड़ाई समझें, सभी मतभेद भूलकर एकजुट हों और इस संघर्ष को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाएं। मौके पर सोनाराम गोप,  सुखदेव, गोप, भरत गोप, विशाल गोप, दिवाकर गोप, आदि मौके पर उपस्थित रहे।

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