बाबड़िया व बड़ापासिया में हाथी हमले में चार की मौत, विधायक सोनाराम सिंकु ने जताया आक्रोश
कहा वन विभाग के लापरवाही से हो रही घटना, दो दिनों के अंदर नहीं हुई कार्रवाई तो होगा वन विभाग के विरूद्व बड़ा आंदोलनः विधायक
विधायक ने नवामुंडी प्रखंड विकास पदाधिकारी पप्पू रजक से वार्ता की और कहा की मृतक सनातन मैरल के पुत्र के लिए फिलहाल रहने की व्यवस्था, बेड, कंबल तथा खाने-पीने की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई जाए
संतोष वर्मा
चाईबासाःनोवामुण्डी प्रखंड के बाबरिया व बड़ापासिया में जंगली हाथियों द्वारा छह लोगों की जान लेने वाले मामले को लेकर जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु नें कहा घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और सभी मृतकों का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली। विधायक ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि एक ही परिवार के चार लोगों की मौत जंगली हाथी के हमले में हुई है। यह वही हाथी है, जो गोइलकेरा क्षेत्र से भटकते हुए अब तक करीब 10 लोगों की जान ले चुका है।विधायक सोनाराम सिंकु ने वन विभाग पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि हाथी के भटकने और उसके इलाज अथवा पकड़ने को लेकर लगातार फोन के माध्यम से सूचना दी गई थी, लेकिन वन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो वे सड़क पर उतरकर वन विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।मौके पर उपस्थित वन रक्षी से बातचीत के दौरान विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद अब तक रेंजर का घटनास्थल पर नहीं पहुंचना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ग्रामीणों द्वारा हाथी की मौत हो जाती, तो आधे गांव पर केस दर्ज कर दिया जाता, लेकिन इतने बड़े हादसे में विभाग की भूमिका क्या है।इसके अलावा विधायक ने नवामुंडी प्रखंड विकास पदाधिकारी पप्पू रजक से भी वार्ता की और निर्देश दिया कि मृतक सनातन मैरल के पुत्र के लिए फिलहाल रहने की व्यवस्था, बेड, कंबल तथा खाने-पीने की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई जाए।घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है, वहीं ग्रामीण जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे



