बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण -सह- कार्यशाला का किया गया आयोजन

 बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण -सह- कार्यशाला का किया गया आयोजन 



मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि बाल विवाह एवं डायन प्रथा एक सामाजिक बुराई एवं जघन्य अपराध है, जो महिलाओं और बालिकाओं के विकास, सुरक्षा, शिक्षा के समग्र विकास में बाधक है



संतोष वर्मा

Chaibasaः पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय शहर चाईबासा के कोल्हान विश्वविद्यालय स्थित सभागार में समाज कल्याण निदेशालय-झारखंड के तत्वाधान पर सुरक्षित एवं सशक्त महिला- सशक्त झारखंड के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण -सह- कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुवा के द्वारा विशिष्ट अतिथि जिला उपायुक्त चंदन कुमार व उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ.भारती गोरती मिंज, अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, सदर चाईबासा अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती श्वेता भारती सहित जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारी, मानकी-मुंडा, प्रखंड प्रमुख आदि की मौजूदगी में दीप प्रज्वलित कर किया गया। 

कार्यशाला में उपस्थित मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि एवं अन्य वरीय पदाधिकारी को पौधा, अंग वस्त्र एवं मोमेंटो प्रदान कर स्वागत किया गया।कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री श्री बिरुवा ने कहा कि बाल विवाह एवं डायन प्रथा एक सामाजिक बुराई एवं जघन्य अपराध है, जो महिलाओं और बालिकाओं के विकास, सुरक्षा, शिक्षा के समग्र विकास में बाधक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियां महिलाओं/बालिकाओं के लिए ही नहीं, अपितु सशक्त समाज के निर्माण के लिए भी परेशानी का सबब है। मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार के द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं के लिए सुरक्षित और सशक्त झारखंड के निर्माण के लिए इनको अधिकार के प्रति जागरूक करना ही कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है।



 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु की लड़के का विवाह कानूनन अपराध भी है। इस दौरान मंत्री श्री बिरुवा के द्वारा उपस्थित सभी जनों को बाल विवाह एवं डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध राज्य/जिला/प्रखंड/पंचायत स्तर पर जागरूकता लाने का शपथ दिलाया गया।कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए झारखंड सरकार के द्वारा मंईया सम्मान योजना, सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना जैसे महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोजित कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भी महिला सशक्तिकरण के रास्ते में आने वाले गैप को कम करते हुए बाल विवाह एवं डायन प्रथा आदि कुरीतियों को जड़ से समाप्त करना है। 



इसके अलावा उपायुक्त के द्वारा उपस्थित जनों को महिला हेल्पलाइन 181, इमरजेंसी सेवा हेल्पलाइन 112 के बारे में भी बताया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त के द्वारा हाल के दिनों में खेल जगत में उपलब्धि प्राप्त करने वाले वूमेंस टीमों का जिक्र करते हुए कहा गया कि हमारे आपके बीच में रहने वाली बहन/बेटी भी अपने हौसले को उड़ान दे सकती है, यदि हम उन्हें एक सकारात्मक और सुरक्षित समाज प्रदान करें।




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