ग्रामीण कार्य विभाग में किस आदेश से टेंडर पर रोक लगाया गया है, इसकी पुष्टि कहीं नहीं, मुख्य अभियंता और मंत्रालय के खेल में फंसा राज्य का विकास
टेन्डर घोटाला सामने आया तो प्रभारी मुख्य अभियंता सरवन कुमार जायेंगें जेल. सूत्र
टेन्डर कमिशन वसूली के वास्ते टेन्डर पर रोक लगायी गयी है. सूत्र
सैकड़ों टेन्डर का financial नहीं खोल रहें है सरवन कुमार, Financial खुलने के बाद संवेदक को loay letter नहीं दिया जा रहा है. सूत्र
सरवन कुमार के कार्यकाल में निविदा निष्पादन में भारी विलंब का कारण है कि संवेदक को फेल और पास करना. सूत्र
सरवन कुमार के कार्यकाल में सबसे अधिक न्यायालय में केस दर्ज हुआ है. सूत्र
विधायक नवीन कुमार जैसवाल के द्वारा सरवन कुमार के साथ वार्ता और सैकड़ों कार्यकर्ताओं का हुजूम ने पूरे राज्य में चर्चा का बाजार गरम कर दिया है
राज्य के ग्रामीण विकास विभागीय मंत्री ने सरवन कुमार को जूनियर रहते हुए सीनियर पद पर ( मुख्य अभियंता) प्रभारी बना कर वरीयता पर कुठाराघात करने का काम किया गया है
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपने सरकार के अधीन ग्रामीण कार्य विभाग की दशा पर क्यूँ मौन हैं समझ से परे है. सूत्र
सत्ता पक्ष और विपक्ष के अधिकांश विधायक ने ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री को बदलने की कोशिश में, सरवन कुमार के कार्यकाल में सबसे अधिक न्यायालय में केस दर्ज हुआ है. सूत्र
santosh verma
Chaibasaः राज्य के ग्रामिण विकास विभाग में मंत्री व मंत्री के मामा का खेल गजब चलने की चर्चा इन दिनों सुर्खियों में है.इतना ही नही विभागिय मंत्री और मामा जी सरवन कुमार पर इतना महेरवान है की जुनियर को सिनियर यानी प्रभारी मुख्यअभिंयता के पद पर बैठा कर कमिशन वसुली के नाम टेंडर रोक दिया गया जिसके कारण राज्य का विकास कार्य प्रभावित हो गई है.यदी सुत्रों की माने तो सुत्रो के अनुसार विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय का कार्यकाल ग्रामीण कार्य विभाग का भट्ठा बैठा दिया है, यूँ कह सकते हैं कि राज्य का ग्रामीण क्षेत्रों का विकास ठप हो गया है. पूर्व मंत्री आलमगिर आलम और इरफान अंसारी के कार्यकाल में हुए स्वीकृत योजना में कुछ योजना का कार्य चल रहा है, बाकी योजना में आवंटन के अभाव में योजना लंबित पड़ा है. वहीँ दूसरी ओर चर्चा के अनुसार विभागीय मंत्री और विभागीय सचिव के खींच तान में राज्य का विकास पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है. सूत्रों के अनुसार मंत्री अपने मन चाहे ट्रांसफर पोस्टिंग नहीं करा पाने के कारण मौन बगावत में है. सूत्रों के अनुसार अब देखना है कि सीएम के खास माने जाने वाले विभागीय सचिव को मंत्री हटा पाने में सफल हो पाती है या नहीं, सब की नजर इस मौन लड़ाई पर टिकी हुई है.ऐसे सूत्रों के अनुसार सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही ग्रामीण कार्य विभाग से खासे नाराज हैं.सत्ता पक्ष के अधिकांश विधायक मंत्री बदलने का दबाव अपने आला नेताओं पर बना रहे हैं. हाल के दिनों में हटीया विधानसभा क्षेत्र के विधायक नवीन जैसवाल ने मुख्य अभियंता सरवन कुमार का घेराव कार्यक्रम तक किया है, जो पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है. विभाग में जूनियर को सीनियर बना कर सरवन कुमार से टेन्डर घोटाला कराए जाने की अंदेशा होने की संभावना से इन्कार नहीं कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार भाजपा विभाग में हो रहे टेन्डर घोटाला और कमिशन वसूली की जांच केंद्रीय एजेंसियाँ से कराने की पहल कर चुकी है. सूत्रों के अनुसार मंत्री और मंत्री के रिश्तेदार मामा जी इन दिनों सरवन कुमार के सुरक्षा कवच बने हुए हैं. संवेदक सूत्रों का दावा है कि नए साल में सरवन कुमार जेल जायेंगें. अब देखना है कि नए साल में ग्रामीण कार्य विभाग में क्या कुछ बदलव देखने को मिलेगा, यह समय बतायेगा. वहीं विधायक नवीन कुमार जैसवाल के द्वारा सरवन कुमार के साथ वार्ता और सैकड़ों कार्यकर्ताओं का हुजूम ने पूरे राज्य में चर्चा का बाजार गरम कर दिया है.

