दिशा की हुई बैठक में जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु नें सारंडा क्षेत्र के बदहाल स्वास्थय व्यवस्था पर उठाये सवाल, दिखाए कड़े तेवर

 दिशा की हुई बैठक में जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु नें सारंडा क्षेत्र के बदहाल स्वास्थय व्यवस्था पर उठाये सवाल, दिखाए कड़े तेवर







दिशा की बैठक में जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु नें जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र का दशा बदलने और स्वास्थय व्यवस्था पर जहां सांसद को जगाने का काम किया वहीं जिला प्रशाषन के कार्य शैली पर सवाल खड़ा किए


सारंडा की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने का मुद्दा रखें दिशा समिति के पटल पर विधायक सोनाराम सिंकु


देखना यह है कि यह प्रस्ताव भी फाइलों में दबकर रह जाता है या फिर वास्तव में जमीनी बदलाव की बनती है शुरुआत 

इलाज के अभाव में हो रही मौतों पर प्रशासन मौन, छोटानागरा सीएचसी से जामदा रेफरल अस्पताल तक बदहाल व्यवस्था

सोनाराम सिंकु ने जगन्नाथपुर मुख्य सड़क एवं मैरमसाई से कालासाईं होते हुए आयुर्वेदिक कॉलेज तक स्ट्रीट लाइट लगाने की बात रखी

santosh verma

Chaibasaःराज्य का एक ऐसा जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र है जहां राज्य सरकार व केंद्र सरकार को  बड़ा अर्थ व्यवस्था अर्जित होती है आज उसी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थय, शिक्षा आदी महत्वपूर्ण बुनायदी सुविधा से मरहुम होना पड़ रहा है. इसी बुनियादी सुविधा को चुस्त दुरूस्त करने के लिए पिछले दिनों पश्चिमी सिंहभूम जिला के जिला समाहरणालय सभागार में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी के अध्यक्षता में जिले में विकास को गति देने के लिए दिशा की बैठक की गई थी.हलांकि उक्त बैठक राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरूवा को भी बैठक में शामिल होना था लेकिन केबिनेट की बैठक होने के कारण वे शामिल नहीं सके. दिशा की हुई बैठक में जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु नें राज्य के सबसे दुर्गम और खनन प्रभावित क्षेत्रों में शामिल सारंडा वन क्षेत्र का गंभीर मुद्दे को दिशा के पटल पर रखते हुए सवाल उठाया की आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए क्षेत्र के लोग संघर्ष कर रहा है। घने जंगलों, पहाड़ी रास्तों और खनन से उपजे सामाजिक –आर्थिक संकट के बीच रहने वाले हजारों आदिवासी परिवारों की सेहत अब गंभीर खतरे में है। इसी गंभीर स्थिति को लेकर क्षेत्रीय विधायक सोनाराम सिंकु ने दिशा (DISHA) समिति, पश्चिमी सिंहभूम के समक्ष सशक्त हस्तक्षेप करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर सीधा सवाल खड़ा किया है।

विधायक ने समिति की अध्यक्ष सह सिंहभूम की सांसद जोबा माझी को दिए गए आवेदन में छोटानागरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राज्यस्तरीय जामदा रेफरल अस्पताल और जेटिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा बहाल करने की मांग की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इलाज के अभाव में हो रही मौतें केवल संयोग नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं।साथ ही सारंडा क्षेत्र देश के सबसे समृद्ध लौह अयस्क भंडारों में से एक है। करोड़ों रुपये का खनन राजस्व यहां से सरकार और कंपनियों को मिलता है, लेकिन इसके बदले क्षेत्र के मूल निवासियों को आज तक समुचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाई। विधायक सोनाराम सिंकु ने अपने आवेदन में इस विरोधाभास की ओर इशारा करते हुए कहा कि खनन से उजड़े गांव, प्रदूषण से बीमार होती आबादी और जर्जर स्वास्थ्य ढांचा — यह तस्वीर किसी भी विकसित राज्य के लिए शर्मनाक है। वहीं छोटानागरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सारंडा क्षेत्र का केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थान माना जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलटा है.

डॉक्टरों के कई पद वर्षों से खाली पड़े हैं,24×7 आपात सेवा कागजों तक सीमित है,प्रसव सुविधा के नाम पर संसाधनों की भारी कमी है,एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जांच या तो उपलब्ध नहीं हैं या अक्सर बंद रहती हैं।नतीजा यह है कि गंभीर मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद ही बाहर रेफर कर दिया जाता है, जबकि कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।

जामदा रेफरल अस्पताल: रेफरल ही अंतिम इलाज?

राज्यस्तरीय दर्जा प्राप्त जामदा रेफरल अस्पताल भी अपनी भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। विधायक ने कहा कि रेफरल अस्पताल का मतलब मरीजों को बचाना होता है, न कि उन्हें केवल आगे भेज देना।

अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव,आईसीयू और ट्रॉमा केयर जैसी सुविधाओं की कमी,पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ न होना,आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की अनुपलब्धता जैसी समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं। कई बार तो गंभीर मरीजों को चाईबासा या रांची रेफर करने में इतना समय लग जाता है कि उनकी जान बचाना मुश्किल हो जाता है।

जेटिया पीएचसी: ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोर कड़ी

सुदूर वनवर्ती गांवों के लिए जेटिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एकमात्र सहारा है, लेकिन यह केंद्र भी संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है। दवाइयों की अनियमित आपूर्ति, सीमित ओपीडी समय और एम्बुलेंस सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को मजबूरी में झोलाछाप चिकित्सकों पर निर्भर होना पड़ता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

इलाज के अभाव में मौतें, प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल

विधायक सोनाराम सिंकु ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि कई मामलों में मरीजों की मौत इलाज के अभाव में हुई है। इसके बावजूद न तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है और न ही स्वास्थ्य ढांचे को दुरुस्त करने की ठोस पहल नजर आती है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा कोई उपकार नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है। जनता को इससे वंचित रखना सीधा अन्याय है।

दिशा समिति में सर्वोच्च प्राथमिकता की मांग

विधायक ने दिशा समिति से मांग की है कि इस विषय को बैठक में सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ रखा जाए और उनके प्रस्ताव को पारित कर स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति,दवाइयों व जांच सुविधाओं की उपलब्धता,

एम्बुलेंस व आपात सेवाओं का सुदृढ़ीकरण,विशेषज्ञ चिकित्सा व्यवस्था की बहाली बिना देरी के सुनिश्चित की जाए।

जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी या सिस्टम की परीक्षा?

सोनाराम सिंकु ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे सारंडा और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आवाज सरकार तक पहुंचाएं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो जनता का आक्रोश बढ़ना तय है।


ग्रामीणों की उम्मीदें विधायक पर टिकीं

स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विधायक की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि दिशा समिति और स्वास्थ्य विभाग ने इस आवेदन को गंभीरता से लिया, तो सारंडा क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। अब सवाल यह है कि वर्षों से उपेक्षित इस क्षेत्र की सेहत पर कब वास्तविक मरहम लगेगा।

अब निगाहें प्रशासन पर

सारंडा की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने का यह मुद्दा अब दिशा समिति के पटल पर है। देखना यह है कि यह प्रस्ताव भी फाइलों में दबकर रह जाता है या फिर वास्तव में जमीनी बदलाव की शुरुआत बनता है।विधायक सोनाराम सिंकु ने दिशा की बैठक में सेल कम्पनी एवं टाटा स्टील के CSR फंड से साप्ताहिक हाट बाजार में चबूतरा निर्माण, शेड निर्माण पथ वे निर्माण के साथ साथ सोलर युक्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग रखी।विधायक सोनाराम सिंकु ने दिशा की बैठक में अध्यक्षा सह सांसद जोबा मांझी से शिलान्यास कार्यक्रम कराने से पहले कार्यकारी एजेंसी के द्वारा कार्य शुरू करने की भी बात सामने रखी।सोनाराम सिंकु ने जगन्नाथपुर मुख्य सड़क एवं मैरमसाई से कालासाईं होते हुए आयुर्वेदिक कॉलेज तक स्ट्रीट लाइट लगाने की बात रखी। बैठक में जैंतगढ़ मुख्य सड़क एवं बस्ती में भी सोलर युक्त स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव रखें।विधायक सोनाराम सिंकु ने दिशा की बैठक में सांसद जोबा मांझी से सभी पंचायत मुख्यालय में हाई मास्ट लाइट लगाने का प्रस्ताव दिया।

सिंहभूम सांसद सह दिशा के अध्यक्ष को विधायक सोनाराम सिंकु के द्वारा दिए गए तीन आवेदन जो इस प्रकार है

केश नबंर 1

सेवा में,

माननीय अध्यक्ष महोदया,

दिशा, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा।

विषय: सेल कम्पनी एवं टाटा स्टील के CSR फंड से एवं मुख्य साप्ताहिक हाट बाजार में चबूतरा निर्माण, पथ वे के साथ साथ मुख्य सड़कों पर सोलरयूक्त स्ट्रीट लाइट लगाने दिशा की बैठक में प्रस्ताव पारित करने के सम्बन्ध में।

उपरोक्त विषय के सन्दर्भ में कहना है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के अधिक जनसंख्या वाले गांव/बस्ती/मोहल्ला के राष्ट्रीय उच्च पथ एवं राज्य पथ पर अंधेरे को दूर कर उजाला का व्यवस्था करने की आवश्यकता है। जनता को आवागमन में आसानी के साथ साथ सड़कों की चमक और रोशनी से अच्छा दृश्य देखने को मिलेगा।

1. जगन्नाथपुर शिव मंदिर से जगन्नाथपुर ब्लॉक रोड तोड़ांगहातू तक सोलर युक्त स्ट्रीट लाइट लगाना।

2. जगन्नाथपुर शिशु मंदिर स्कूल से जगन्नाथपुर रस्सेल हाई स्कूल पुलिया तक स्ट्रीट लाइट की सुविधा उपलब्ध कराना।

3. मैरमसाई मुख्य सड़क से साननंदा, आयुर्वेदिक कॉलेज भाया क्लासाई तक स्ट्रीट लाइट लगाना।

4. जैंतगढ़ उच्च विद्यालय मुख्य सड़क से उड़ीसा सीमा पुलिया तक भाया जैन्तगढ़ बस्ती के अंदर स्ट्रीट लाइट लगाना।

5. जगन्नाथपुर साप्ताहिक हाट बाजार प्रांगण में चबूतरा निर्माण, शेड निर्माण, पथ वे एवं सोलर युक्त स्ट्रीट लाइट लगाना।

6. मलूका रेलवे स्टेशन से दुर्लिपि,जिंतुगड़ा, दीपासाई, मौलानगर मुख्य सड़क तक स्ट्रीट लाइट लगाना।

7. सभी नोवामंडी प्रखण्ड (खनन प्रभावित प्रखण्ड)के सभी पंचायत मुख्यालय में हाई मास्ट लाइट लगाना अनिवार्य किया जाना।

8. जगन्नाथपुर पंचायत मुख्यालय परिसर के भूमि पर मार्केट कॉम्पलेक्स का निर्माण कराना।

उपरोक्त प्रस्ताव पारित कर उक्त कंपनियों को कार्य हित में जिला प्रशासन को फंड उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।

केश नबंर 2 

जनप्रतिनिधियों के द्वारा विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम को दृढ़ता से तय किए जाने के सम्बन्ध में।

उपरोक्त विषय के सन्दर्भ में मेरा कहना है कि कार्यकारी एजेंसी के द्वारा जनप्रतिनिधियों से बिना शिलान्यास कार्यक्रम कराए ही कार्य शुरू करा रहें हैं, इस परम्परा पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। केंद्र प्रयोजित एवं राज्य तथा जिला स्तर की योजना में शिलान्यास कार्यक्रम को अनिवार्य रूप से लागू करने की आवश्यकता है। जिस योजना का शिलान्यास कार्यकारी एजेंसी नहीं कराते हैं और कार्य प्रारम्भ कराते हैं तो वैसे एजेंसी पर विशेष अधिकार एवं विधायिका नियमों के अनुकूल कार्रवाई की जानी चाहिए। इस प्रस्ताव पर सहमति देने की आवश्यकता है। सधन्यवाद 

केश नंबर 3

सेवा में,

अध्यक्ष महोदया,

दिशा, पश्चिमी सिंहभूम,

चाईबासा। 

विषय: सारंडा क्षेत्र के केंद्र बिंदु पर अवस्थित छोटानागर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राज्यस्तरीय जामदा रेफरल हॉस्पिटल एवं जटिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।

महोदया,

उपरोक्त विषय के सन्दर्भ में कहना है कि खनन प्रभावित क्षेत्र एवं सारंडा वन क्षेत्र के साथ साथ सुदूर ग्रामीण वन क्षेत्र तथा राजस्व ग्राम की गरीब आदिवासी मरीजों को आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो रही है, जिसके कारण इलाज के अभाव में जान गंवा रहें हैं।जनता को मूलभूत सुविधा से वंचित रखना अन्यायपूर्ण है। हमलोगों का दायित्व बनता है कि सारंडा और सुदूर ग्रामीण के लोगों को समुचित चिकित्सा व्यवस्था दिलाएं। इस बैठक में सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेरे प्रस्ताव को पारित कर यथा शीघ्र कार्रवाई करने की कृपा करें। सधन्यवाद।

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