सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम NALSA और JHALSA के दिशा-निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-cum-अध्यक्ष श्री रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में पूरे जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में आयोजित हुआ। इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र का थीम था “विकलांगता-समावेशी समाज का निर्माण, सामाजिक प्रगति की ओर कदम”।
सदर अस्पताल, सरायकेला में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री तौसीफ मेराज ने दिव्यांगजनों के अधिकारों और कानूनों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री विनय कुमार, विधि प्रशिक्षु मिस मेधा वत्स, चिकित्सक, नर्सें, पैरा लीगल वॉलंटियर्स सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस दौरान कुछ बच्चों को विकलांगता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। अपने संबोधन में श्री मेराज ने कहा कि इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग अधिकारों के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना, न्याय व्यवस्था में सुलभता सुनिश्चित करना और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रति समाज को संवेदनशील बनाना है।
कार्यक्रम के माध्यम से जिले में समावेशी समाज के निर्माण का संदेश दिया गया, ताकि दिव्यांगजनों को न केवल समान अवसर मिले, बल्कि समाज में सम्मानजनक स्थान भी सुनिश्चित हो सके।

