टाटा कॉलेज बायपास में नो इंट्री लागू करने एवं नो एंट्री आंदोलनकारियों को बिना शर्त केस से बरी किया जाए : बंधु तिर्की

 टाटा कॉलेज बायपास में नो इंट्री लागू करने एवं नो एंट्री आंदोलनकारियों को बिना शर्त केस से बरी किया जाए : बंधु तिर्की



santosh verma

Chaibasa: टाटा कॉलेज बायपास में नो इंट्री लागू करने एवं नो एंट्री आंदोलनकारियों को बिना शर्त केस से बरी करने की मांग को लेकर झारखण्ड कांग्रेस प्रभारी के०राजू के निर्देशानुसार मंगलवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चाईबासा पहुँचकर हाल ही नो एंट्री लागू करने को लेकर हुए जोरदार हंगामा के आलोक में झारखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम द्वारा उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा , हरिगुटु में हो समुदाय के सामाजिक संगठनों , कांग्रेस भवन में कांग्रेसजनों तथा जेल से रिहा हुए आंदोलनकारियों के साथ बैठक किया एवं वस्तु-स्थिति से अवगत हुए ।

कांग्रेस की ओर से जेल में बंद आंदोलनकारीयों के रिहाई को सहायतार्थ राशि प्रदान की जाएगा । प्रतिनिधिमंडल में झारखण्ड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री बंधु तिर्की , मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ सहदेव , अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य डॉ.एम तौसीफ तथा प्रवक्ता शांतनु मिश्रा शामिल थे ।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि चाईबासा के समीप लगातार हो रहे सड़क दुर्घटना में मौतों से टाटा कॉलेज बायपास में नो इंट्री लागू करने की मांग को लेकर कुछ सामाजिक संगठन एवं ग्रामीणों के द्वारा दिनांक 27 अक्टूबर 2025 को चाईबासा ताम्बो चौक में लोकतांत्रिक तरीके से धरना कार्यक्रम किया जा रहा था। जिसपर आंदोलनकारियों के द्वारा पूरा दिन प्रदर्शन किया गया परंतु सरकार या प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए कोई पहल नहीं हुई। इसी क्रम में कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा षड्यंत्र के तहत आंदोलन को हिंसात्मक बनाने के उद्देश्य से   आंदोलनकारियों के भीड़ में शामिल गए और आंदोलनकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति पैदा किए जिससे रात्रि लगभग 11:00 बजे पुलिस प्रशासन के द्वारा बल का प्रयोग करते हुए आंदोलनकारी को जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग तथा युवा शामिल थे बर्बरता से लाठी चार्ज करते हुए पीटा गया, रबर बुलेट एवं आंसू गैस छोड़े गए। जिसके कारण कई ग्रामीणों को गंभीर चोट लगी। गौरतलब है कि इस प्रकरण में  आंदोलन के ही पूर्व कई आंदोलनकारी को गिरफ्तार किया गया एवं जेल भेजा गया। इसी क्रम में कई ग्रामीणों एवं आंदोलनकारियों पर केस किया गया,इसमें राजद्रोह जैसे धाराएं शामिल है। ग्रामीण एवं सामाजिक संगठनों के लोग इस घटना से काफी मर्माहत है।

आगे ज्ञापन में कहा गया कि आंदोलनकारियों चल रहे मुकदमे में न्याय करते हुए बिना शर्त रिहा की जाए। मौके पर कांग्रेस जिला रंजन बोयपाई , पूर्व विधायक देवेन्द्र नाथ चांपिया , सुनीत शर्मा  , राजेश शुक्ला , आतिफ सिद्दकी , त्रिशानु राय , कैरा बिरुवा , प्रीतम बांकिरा , सुरेश सावैयां , जगदीश सुंडी , लक्ष्मण हासदा , विवेक विशाल प्रधान , देवराज चातर , मो.सलीम , लियोनार्ड बोदरा , विजय तिग्गा , परमेन्द्र कुमार मिश्रा , सनातन बिरुवा , अविनाश कोड़ाह , रितेश तामसोय , मिली बिरुवा ,  अनामिका सरकार , सकारी दोंगो ,  सुरेश चंद्र सावैयां  , सुनीता सावैयां , जया सिंकु , पूर्ण चंद्र कायम , संजय बिरुवा , गुलजार अंसारी , हरि राव , विजय सिंह तुबिद , नारायण सिंह पुरती , प्रताप सिंह सावैयां , केरसे सोय , सुशील दास , बिरसा गोप , नारायण सिंह पुरती आदि मौजूद थे।

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