Saraikela/Chandil: सरायकेला जिले के ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में अवैध बालू ढुलाई को लेकर मंगलवार देर रात डुमटांड़ मोड़ पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अवैध वसूली के विरोध में पहुंचे JLKM नेता तरुण महतो और उनके समर्थकों ने न सिर्फ बालू माफिया पर कार्रवाई की मांग की, बल्कि पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया। घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस ने मौके से दो गाड़ियाँ जब्त कर तरुण महतो को गिरफ्तार कर लिया है।
सरायकेला जिले के चांडिल के ईचागढ़ क्षेत्र में अवैध बालू ढुलाई और वसूली को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि बालू माफिया उनके ट्रैक्टर को चलने नहीं दे रहे हैं और अवैध कब्जा जमाया जा रहा है। इसी मुद्दे पर JLKM नेता तरुण महतो को मौके पर बुलाया गया था। लेकिन स्थिति तब बेकाबू हो गई जब डुमटांड़ मोड़ पर बालू लदे वाहनों से वसूली को लेकर देर रात विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों और चालक दल के बीच कहासुनी बढ़ी, और JLKM समर्थकों की भीड़ ने अचानक मारपीट शुरू कर दी।
सूचना मिलते ही ईचागढ़ थाना प्रभारी विक्रमादित्य पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस जब अवैध वसूली रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने लगी, तभी JLKM समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हिंसक झड़प में आरक्षी नरेश यादव और एक चौकीदार गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। भीड़ की बेकाबू हरकत को देखते हुए पुलिस द्वारा हवाई फायरिंग की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने मौके से दो गाड़ियाँ जब्त की हैं, जिनसे JLKM पार्टी के झंडे और बैनर बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही तरुण महतो को गिरफ्तार कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद ईचागढ़ थाना की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और थाना परिसर में अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया है। दूसरी ओर, तरुण महतो के समर्थक थाने के बाहर भारी संख्या में जुटकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस और बालू माफिया की मिलीभगत के कारण रात में खुलेआम अवैध ढुलाई चलती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ढुलाई “लीगल” है तो दिन में कराई जाए, लेकिन रात के अंधेरे में अवैध कारोबार को प्रशासन का संरक्षण मिलता है। सूत्रों का दावा है कि हाईवा प्रति ट्रिप पर महीने के हिसाब से करीब 8,000 रुपये “पगड़ी” के रूप में थाना को दिए जाते हैं, हालांकि इस पर कोई अधिकारी आधिकारिक रूप से बोलने को तैयार नहीं है।
अवैध बालू कारोबार पर रोक के नाम पर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती में बदल गया है। पुलिस पूरे मामले के हर पक्ष की जांच कर रही है।
