कोल्हान का असली लॉयन और टाइगर दीपक बिरूआ हैं. राजनीतिक सूत्र
घाटशिला चुनाव में पार्टी की जीत के बाद झारखण्ड की राजनीतिक गलियारों में दीपक बिरूआ को चाणक्य कह रहे हैं. सूत्र
सूत्र बताते हैं कि दीपक बिरूआ का एक ही मकसद है, पार्टी,संगठन हेमन्त सोरेन को मजबूत बनाना.सूत्र
Santosh verma
Chaibasa घाटशिला उप चुनाव में झामुमो की जीत से पार्टी और हेमन्त सोरेन के कैबिनेट में परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ का कद बढ़ गया है, यूँ कहा जा रहा है कि मंत्री जी का राजनीतिक ग्राफ काफी उपर हो चुका है. मालूम हो कि हेमन्त सोरेन के आदेश पर दीपक बिरूआ ने लगभग एक महीना से घाटशिला विधानसभा क्षेत्र का दौरा करते हुए जनता का नब्ज टटोलने का काम किया, और उसके बाद रणनीति बना कर भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के खेल को बिगाड़ते हुए झामुमो को जीत दिलाने में सफ़लता हासिल किए हैं. आज मंत्री दीपक बिरूआ को सरकार में सेकंड लाइन का मंत्री माना जाता है, यूँ कह सकते हैं कि हेमन्त सोरेन के नजदीकी भी हैं.
झामुमो सूत्रों के अनुसार घाटशिला चुनाव जीतने के बाद कोल्हान का असली लॉयन और टाइगर का एक साथ उपाधि मिल गया है. आज के समय में दीपक बिरूआ कोल्हान के ही नहीं, बल्कि झारखंड की राजनीतिक में चाणक्य बन चुके हैं. JPP, AJSU और निर्दलीय चुनाव लड़ कर अपनी पहचान बना कर गुरु जी शिबू सोरेन के आशीर्वाद से परिपक्व और सफल राजनीतिज्ञ की ऊँचाई तक का सफर लंबे संघर्ष के बाद तय करने वाले नेता के रूप में उभर कर आए हैं. दीपक बिरूआ का संघर्ष के दौर में, कठिन समय में घनश्याम दरबारा साया की तरह साथ रहें हैं.बकौल दीपक बिरूआ कहतें हैं कि घाटशिला चुनाव के जीत का सारा श्रेय हमारे पूजनीय गुरु जी शिबू सोरेन और बड़े भाई रामदास सोरेन जी के नाम समर्पित करते हैं, यही सच्ची श्रद्धांजलि है, आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन स्वर्ग से हमें आशिर्वाद दे रहे हैं.



