करोड़ों का फार्मासिस्ट कॉलेज तीन वर्षों से बंद, प्रशासन की उदासीनता से युवाओं का भविष्य खतरे में:- धी. रामहरि पेरियार

करोड़ों का फार्मासिस्ट कॉलेज तीन वर्षों से बंद, प्रशासन की उदासीनता से युवाओं का भविष्य खतरे में:- धी. रामहरि पेरियार



santosh verma

Chaibasa ःपश्चिम सिंहभूम के तांतनगर प्रखंड अंतर्गत बाटीगुटू में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित फार्मासिस्ट कॉलेज का भवन तीन वर्षों से धूल खा रहा है इस मामले को लेकर एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने उपायुक्त चंदन कुमार को ज्ञापन देकर इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग तैयार भवन को प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के कारण अब तक छात्रों के लिए खोलना मुनासिब नहीं समझा गया। यह सिर्फ एक भवन की नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और उनके संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी की कहानी है। यह लापरवाही सीधे-सीधे लोकनिधि की बर्बादी और भ्रष्टाचार का खुला मामला है। अनुच्छेद 21 व 21A – जीवन और शिक्षा का अधिकार।अनुच्छेद 14 व 16 – समानता और रोजगार के अवसर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और झारखंड सरकार की व्यावसायिक शिक्षा घोषणाएँ।

स्थिति और भी गंभीर है: भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद इसे संचालन में लाने में अधिकारियों का “40% कमीशन के खेल” भ्रष्ट तंत्र बाधक बन रहा है। यह सीधे-सीधे जनहित के खिलाफ अपराध है।

यदि अविलंब संचालन शुरू नहीं किया गया, तो मामला जनहित याचिका (PIL) के रूप में झारखंड उच्च न्यायालय में ले जाया जाएगा।

लापरवाह अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ वित्तीय और विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हमारी मांगें:

 1. तुरंत कॉलेज संचालन प्रारंभ करने का आदेश।

2. जिम्मेदार अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाए।

निष्कर्ष: यह कोई मामूली मामला नहीं है। यह कोल्हान क्षेत्र के युवाओं के अधिकार और भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन की यह उदासीनता सीधे-सीधे जनसाधारण की आंखों में धूल झोंकने के समान है।

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