सोनम वांगचुक की रिहाई और सारंडा वन के संरक्षण को ले बुलंद की आवाज, झारखंड पुनरुत्थान अभियान ने राष्ट्रपति के नाम DDC को सौंपा मांग पत्र

 सोनम वांगचुक की रिहाई और सारंडा वन के संरक्षण को ले बुलंद की आवाज, झारखंड पुनरुत्थान अभियान ने राष्ट्रपति के नाम DDC को सौंपा मांग पत्र 

झारखण्ड पुनरुत्थान अभियान के तत्वाधान में सदर अनुमंडल पदाधिकारी चाईबासा मुख्यालय के सामने दिया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन



संतोष वर्मा

Chaibasa  ः गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखण्ड पुनरुत्थान अभियान के तत्वाधान में आज सदर अनुमंडल पदाधिकारी चाईबासा मुख्यालय के सामने जिला अध्यक्ष नारायण सिंह पुरती की अध्यक्षता में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरना प्रदर्शन मुख्य रूप से चार सूत्री मांग पर आयोजित थी। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए झारखण्ड आंदोलनकारी पूर्व विधायक बहादुर उरांव ने कहा कि झारखण्ड सरकार झारखण्ड आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग द्वारा चिह्नित आंदोलनकारियों के परिजनों को सरकारी नौकरी की नियुक्तियों में प्राथमिकता देना सुनिश्चित करे और झारखण्ड में सीएनटी एक्ट और एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर अवैध दखल कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए राज्य के सभी जिला के उपयुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे। झारखण्ड आंदोलनकारी पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा जिस प्रकार सुप्रीम कोर्ट के निर्णय आदेश पर सारंडा वन क्षेत्रों के कई वर्ग किलोमीटर में वन्य अभयारण्य स्थापित करने के लिए झारखण्ड सरकार के पांच सदस्यीय टीम के द्वारा सुनियोजित तरीके से ग्रामीणों को बुला-बुलाकर विरोध कराया गया। 

खास कर झारखण्ड सरकार सारंडा वन क्षेत्रों की कई वनग्राम  को जिन वनग्राम को अब तक राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिल पाया है उन्हें राजस्व गांव का दर्जा देने के लिए वैसे ही ग्रामीणों को ग्रामसभा का आयोजन कर वन पट्टा बांटने का काम करते, जो वन अधिकार अधिनियम 2006 का अक्षरशः अनुपालन भी सुनिश्चित कराता ताकि उन्हें स्थाई वन पट्टा देकर पंजी 02 में चढ़ाकर स्वामित्व संपन्न बनाते। लेकिन झारखण्ड के अबुआ सरकार सारंडा क्षेत्रों में रहने वाले उन वनग्राम को वन पट्टा अब तक नहीं मिल सकी है। झारखण्ड पुनरुथान अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद और शिक्षाविद् रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सोनम वांगचुक को बिना शर्त रिहा करने का की मांग पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। क्योंकि जिस प्रकार लद्दाख के जमीन की रक्षा करने के लिए सोनम वांगचुक ने छठी अनुसूची के मांग पर गांधीवादी तरीके से आंदोलन करते रहे, लेकिन उन्हें षडयंत्र कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पर खतरा बताते हुए गिरफ्तार किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय महासचिव श्री अमृत माझी ने अपने संबोधन में कहा की प्रस्तावित चाईबासा बाईपास में ग्रामसभा एवं रैयतों की सहमति के बगैर बगैर लोगों को अनैच्छिक विस्थापित करने के लिए जिला प्रशासन लालफीताशाही की नीति अपना रही है जो की असंवैधानिक है। धरना कार्यक्रम को झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुमंत ज्योति सिंकु, पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष बलराम मुर्मू,जिला उपाध्यक्ष विकास केराई,मंगल सरदार,सदर प्रखंड अध्यक्ष सुरा पूरती,जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष विनीत लागुरी,मनोहरपुर प्रखंड अध्यक्ष विशाल गुड़िया, संस्थापक सदस्य महेंद्र जामुदा,कोलंबस हंसदा,अरिल सिंकु,विजय तिग्गा,खूंटकट्टी रैयत रक्षा समिति के अध्यक्ष बलभद्र सवैया,सचिव केदारनाथ सिंह कालुंडिया, नीतिमा सवैया,मुनेश्वर पूर्ति,जोहार संस्था के अध्यक्ष रमेश जेराई,परदेसी लाल मुंडा,सहदेव महतो, गार्दी सिंकु,महेंद्र सवैया, चिंता कालुंडिया,सुरेश बोयपाई,मनमोहन सिंह सवैया,भगत सिंह हेंब्रम एवं दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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