सरायकेला: सरायकेला जिले के कोलेबिरा पंचायत के भोलाडीह गांव में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक धुनों के बीच सोहराय और बांदना पर्व का भव्य आयोजन किया गया। ढोल - मांदर की थाप, नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक नृत्य के साथ पूरा गांव झूम उठा।
इस अवसर पर पद्मश्री छुटनी महतो और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा झारखंडी परंपरा को दर्शाते हुए मुखौटा पहनकर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे लोगों ने खूब सराहा।
मुख्य अतिथि तरुण महतो ने सभी को दीपावली और सोहराय की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “बांदना और सोहराय झारखंड की धरती की आत्मा हैं। विभिन्न समाज के लोग आज एक साथ जुटकर अपनी एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान का संदेश दे रहे हैं।”
वहीं पद्मश्री छुटनी महतो ने कहा, “बांदना पर्व हमारी परंपरा है। इसे हम पीढ़ियों से संजोते आए हैं और आने वाली पीढ़ियों, विशेषकर हमारी बेटियों को भी इन रीति–रिवाज़ों को सीखने की ज़रूरत है।” इस पूरी सांस्कृतिक महफ़िल का उद्देश्य समाज में एकता, संस्कृति, परंपरा और विरासत को बचाने व बढ़ावा देना रहा।
इस मौके पर JLKM सरायकेला जिला अध्यक्ष दीपक महाली, संगठन महासचिव शशिकांत देव महतो, चांडिल प्रखंड अध्यक्ष ललित महतो, मेला संरक्षक सुनील टुडू सहित समिति के सदस्य और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।



