पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोडा पर भी भारी पड़ रहा रहा है लौह अयस्क माफिया, नहीं हुआ अब तक एफआईआर दर्ज, खनन विभाग और नोवामुण्डी थाना प्रभारी के कार्यशैली संदेह के घेरे में
लौह अयस्क माफियाओ पर एफआईआर दर्ज करवाने व कार्रवाई की मांग को लेकर नोवामुंडी थाने पहुंचे मधु कोड़ा
72 घंटे बित जाने के बाद भी दो हाईवा में अवैध रूप से लदे आयरन ओर फाइंस व खाली छःह हाईवा, एक जेसीबी, एक पे लोडर तथा लौह आयस्क माफियाओं के बिरूद्द नहीं हुआ एफआईआर दर्ज
जबकी नये नियम के अनुसार 24 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज होने का है प्रवाधान
santosh verma
Chaibasa :72 घंटे यानी तीन दिन पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के द्वारा नोवामुण्डी रेलवे साईडिंग पांच नबंर से अवैध माईनिंग कर रहे लौह आयस्क फाइंस का अवैध रूप से उठाव करते रंगे हाथ पकड़ा गया था जिसे बाद में श्री कोड़ा नें नोवामुण्डी थाना प्रभारी को दो हाईव फाइंस लदे हुए तथा 6 हाईवा ट्रेलर तथा एक जेसीबी व एक लोडर सौंपा गया था.तथा दस लोग भी पकड़े गये थे.लेकिन 72 घंटे से अधीक समय बित गये लेकिन ना जब्द वाहन और ना ही अवैध माइनिंग कर रहे लौहआयस्क माफियाओं के बिरूद्ब मामला दर्ज किया गया.बल्की थाना प्रभारी और माइनिंग विभाग के अधिकारी इस मामले को दबाने का प्रयास करने में लगें है.इसी मामले को लेकर गुरूवार को पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा नोवामुंडी थाना पहुँचे और 13 14, अक्टूबर की देर रात्रि में पकड़े गए रेलवे साइडिंग नंबर 5 पर पकड़े गए अवैध लौह अयस्क उत्खनन के मामले की जानकारी ली।उन्होंने बताया कि मौके पर 8 हाईवा ट्रक, 1 JCB और 1 पे-लोडर पकड़े जाने के बावजूद, अब तक किसी भी प्रकार का केस दर्ज नहीं किया गया है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को टालने और दबाने का प्रयास कर रहा है।
थाना द्वारा माइनिंग विभाग और आरटीओ से रिपोर्ट मंगाने की बात कही जा रही है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री ने “प्रक्रिया के नाम पर देरी और लीपापोती” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह रवैया प्रशासनिक निष्क्रियता ही नहीं, बल्कि खनन माफियाओं को संरक्षण देने का प्रमाण है।पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा की “यदि शीघ्र इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो मैं जनता को साथ लेकर अवैध खनन के खिलाफ जन आंदोलन छेड़ूंगा। झारखंड की धरती को लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”


