एक सप्ताह के अंदर मांगे नहीं मानी गई तो 25 तारीख को होगी आर्थिक नाकाबंदी : संयुक्त यूनियन

 एक सप्ताह के अंदर मांगे नहीं मानी गई तो 25 तारीख को होगी आर्थिक नाकाबंदी : संयुक्त यूनियन


Chaibasa ःगुवा सेल प्रबंधन के खिलाफ संयुक्त यूनियनों ने गुरुवार शाम 4:30 बजे जनरल ऑफिस के समक्ष जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। यूनियनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी 25 अक्टूबर को गुवा सेल में आर्थिक नाकाबंदी की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान संयुक्त यूनियनों के नेताओं ने कहा कि गुवा सेल प्रबंधन लगातार मजदूरों और यूनियनों को झूठे आश्वासन देकर भ्रमित कर रही है। अब की लड़ाई "आर या पार" की होगी, जिसमें मजदूरों के साथ सारंडा क्षेत्र के ग्रामीण भी शामिल होंगे। यूनियन ने कहा कि वे व्यापक जन आंदोलन कर सेल प्रबंधन को गुवा से उखाड़ फेंकेंगे।

यूनियनों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं —

गुवा सेल में 19 बाहरी लोगों की प्रस्तावित बहाली रद्द की जाए और स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर दिया जाए।

सफाई कर्मियों का रविवारीकरण किया जाए तथा जिन विभागों में रविवारी कार्य बंद है, उन्हें पुनः शुरू किया जाए।

ठेका मजदूरों की वार्षिक छुट्टी 5 दिन से बढ़ाकर 10 दिन की जाए।

रात्रि भत्ता 45 रुपए से बढ़ाकर 90 रुपए किया जाए।

फाइन्स डिस्पैच माह में मिलने वाली राशि 1000 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए की जाए।

जिन ठेका कर्मियों ने अपने आश्रितों को काम सौंप दिया है, उनके आवास उनके आश्रितों के नाम आवंटित किए जाएं।

कुशलता आधारित अपग्रेडेशन (अकुशल से अर्धकुशल, अर्धकुशल से कुशल) शीघ्र किया जाए।

जिन ठेका कर्मियों को रिट्रेंचमेंट बेनिफिट, AWA राशि और मेडिकल बुक नहीं मिली है, उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जाए।

लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान शीघ्र किया जाए।

पेंशन भुगतान 58 वर्ष की आयु से लागू किया जाए तथा सेवानिवृत्त कर्मियों का लंबित PF व ग्रेचुएटी भुगतान किया जाए।

रेफरल चिकित्सा के यात्रा भत्ता का भी भुगतान किया जाए।

प्रदर्शन में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक), सीटू, झारखंड मजदूर मोर्चा यूनियन सहित कई जनप्रतिनिधि, पांच गांवों के मुंडा-मानकी, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए।

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