कोलहान विश्वविद्यालय परिसर में अधिवक्तागण की मौजूदगी में जिला स्तरीय विधिक सशक्तिकरण शिविर का किया गया आयोजन


कोलहान विश्वविद्यालय परिसर में अधिवक्तागण की मौजूदगी में जिला स्तरीय विधिक सशक्तिकरण शिविर का किया गया आयोजन 



विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के तहत सांकेतिक तौर पर 4068 लाभुकों के बीच 80 करोड़ 30 लाख 66 हजार 820 रुपए लागत की पृथक-पृथक परिसंपत्तियों का वितरण किया गया



प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डालसा मौहम्मद शाकिर ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकार जेल में बंद कैदियों को भी न्याय का उचित अवसर प्रदान करता है



उपायुक्त-सह-उपाध्यक्ष डालसा चंदन कुमार ने कहा कि जिला एवं प्रखंड स्तर पर आयोजित होने वाले विधिक सशक्तिकरण शिविर का मुख्य उद्देश्य यह है कि देश में लागू कानून सिर्फ किताबों तक ही सीमित ना रहे अपितु उन लोगों तक पहुंचे, जो किसी भी वजह से न्यायालय या समाहरणालय या पुलिस मुख्यालय नहीं जा पाते हैं

santosh verma

Chaibasa ः झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार- रांची के निर्देशन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार- चाईबासा एवं जिला प्रशासन, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के संयुक्त तत्वाधान में कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर, चाईबासा के सभागार में मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डालसा मौहम्मद शाकिर, जिला उपायुक्त-सह-उपाध्यक्ष डालसा चंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक-सह-सदस्य डालसा अमित रेनू, विनोद कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- प्रथम चाईबासा, अजय कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- प्रथम चक्रधरपुर, संतोष आनंद प्रसाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- द्वितीय, उप विकास आयुक्त संदीप कुमार मीणा, अगस्तीन कुल्लू सचिव- जिला बार एसोसिएशन, पश्चिमी सिंहभूम सहित न्यायिक पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, अधिवक्ता गण की मौजूदगी में वृहद विधिक सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। समारोह में सभी आगंतुक अतिथियों का पारंपरिक स्वागत एवं मंचासीन सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ प्रदान कर उनका अभिनंदन किया गया तत्पश्चात प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर विधिक सशक्तिकरण शिविर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों के कर-कमलों द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के तहत सांकेतिक तौर पर 4068 लाभुकों के बीच 80 करोड़ 30 लाख 66 हजार 820 रुपए लागत की पृथक-पृथक परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।



विधिक सशक्तिकरण शिविर को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डालसा मौहम्मद शाकिर ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकार जेल में बंद कैदियों को भी न्याय का उचित अवसर प्रदान करता है। आज के दौर में लगभग प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी संचार के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त करते रहते हैं। उन्होंने आगे बताया कि सरकार द्वारा संचालित सभी सुविधाओं कार्यक्रमों एवं योजनाओं का लाभ तथा कानूनी जानकारी सभी हकदारों को उपलब्ध हो, प्राधिकार इस बात को सुनिश्चित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि आज इस शिविर में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि शिविर में मिलने वाली जानकारियों को अन्य आम ग्रामीणों तक भी पहुंचाएं। जिससे उन्हें किसी भी योजनाओं का लाभ या कानूनी सलाह लेने में मदद मिल सके और वे अपने अधिकार को प्राप्त कर सके। उन्होंने बताया कि मोटर यान दुर्घटना वाद में सिर्फ ₹10 का कोर्ट फीस लगता है एवं यह भी बताया कि सभी प्रखंडों एवं थाने में हमारे पीएलबी पदस्थापित हैं। जिन व्यक्तियों को अपना आवेदन लिखने में कठिनाई होती है, वह सभी व्यक्ति पीएलबी के माध्यम से अपना आवेदन संबंधित कार्यालय में समर्पित कर सकते हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा के द्वारा आम जनों को न्याय मिल सके, इसके लिए सजग रहने हेतु संसुचित किया। उन्होंने कहा कि जिस किसी व्यक्ति की वार्षिक सकल आय तीन लाख या इससे कम है, उन सभी को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही कोई भी आम नागरिक राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के टोल फ्री नंबर- 15100 पर संपर्क कर कानूनी सलाह प्राप्त कर सकते हैं।



शिविर को संबोधित करते हुए जिला उपायुक्त-सह-उपाध्यक्ष डालसा चंदन कुमार ने कहा कि जिला एवं प्रखंड स्तर पर आयोजित होने वाले विधिक सशक्तिकरण शिविर का मुख्य उद्देश्य यह है कि देश में लागू कानून सिर्फ किताबों तक ही सीमित ना रहे अपितु उन लोगों तक पहुंचे, जो किसी भी वजह से न्यायालय या समाहरणालय या पुलिस मुख्यालय नहीं जा पाते हैंग। उन्होंने आवाह्न किया कि हम सभी यह संकल्प लें, कि यथासंभव सभी नियमों का अध्ययन कर उनका अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।



विधिक सशक्तिकरण शिविर को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अमित रेनू ने कहा कि जिला में पदस्थापन के उपरांत आज प्रथम कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ हैं। उन्होंने उपस्थित जनों से आह्वान किया कि आयोजित शिविर का अधिकतम लाभ उठाएं। साथ ही पुलिस अधीक्षक के द्वारा आगामी पर्व त्योहार के निमित्त उपस्थित जनों को अग्रिम शुभकामनाएं भी प्रेषित किया गया।समारोह के समापन पर मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों के द्वारा शिविर स्थल पर 16 विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित स्टॉल का निरीक्षण किया गया। साथ ही इस दौरान समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, सावित्री बाई फूले किशोरी समृद्धि योजना और गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम के अंतर्गत लाभुकों को लाभान्वित किया गया। परिसंपत्ति वितरण के दौरान 6 दिव्यांगजन के बीच ट्राई साइकिल, तीन लोगों के बीच सड़क दुर्घटना मुआवजा राशि, जेएसएलपीएस अंतर्गत सामुदायिक निवेश निधि व फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान के तहत डेमो चेक, जिला ग्रामीण विकास शाखा अंतर्गत अबुआ आवास योजना, उन्नति का पहिया- साइकिल वितरण, जिला खेल कार्यालय की ओर से खिलाड़ियों के बीच बैडमिंटन किट, मत्स्य कार्यालय के तरफ से दो लाभुकों को आइस बॉक्स के साथ तीन पहिया वाहन, जिला कृषि कार्यालय की तरफ से पंप सेट सहित अन्य परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। समारोह में अतिथियों का स्वागत रवी चौधरी, सचिव- जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा एवं धन्यवाद ज्ञापन संदीप कुमार मीणा- उप विकास आयुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के द्वारा किया गया तथा समारोह राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।

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