- चार दिवसीय छठ के मौके पर शुक्रवार को व्रतियों ने चौथे दिन उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ दिया
मुसाबनी: चार दिवसीय लोक आस्था का चैती छठ महापर्व के चौथे दिन व्रती महिलाओं ने उदीयमान सूर्य को अर्ध्य अर्पित किया। शुक्रवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ सूर्योपासना का यह महापर्व समाप्त हो गया। शुक्रवार सुबह मुसाबनी कंपनी तालाब सरकार पर छात्रवृत्तियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपना कठिन व्रत पूरा किया।
चैती छठ को लेकर मुसाबनी कम्पनी तालाब छठ घाट की साफ सफाई करायी गयी थी। जाट छठ व्रत ने पूजार्चना की इस मौके पर कई बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया गया। साथ ही व्रतियों द्वारा यहां सत्यनारायण भगवान की पूजा अर्चना भी की गई। गुरुवार को छठ व्रतियों ने अस्तलागामी भगवान भास्कर को पहला अर्घ अर्पित किया था।
इस दौरान घाटों पर छठी मईया का गीत बजता रहा। छठ व्रतियों ने बताय कि छठ पर्व का अलग महत्व है। पूरे निष्ठा के साथ भगवान भास्कर एवं छठी मैया की पूजा की जाती है। छठी मैया से लोग जो भी मनोकामना करती हैं मा उसको पूरा करती हैं।
आपको बताते चलें कि, इस महापर्व में सूर्यदेव की बहन की आराधना की जाती है। छठी मईया की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। इससे घर-परिवार में सुख शांति और समृद्धि आती है। हिन्दुओं के लिए यह आस्था का महापर्व कहलाता है।

