चाईबासा: नगर परिषद, चाईबासा द्वारा मधु बाजार में नवनिर्मित चौबीस दुकान के संचालन हेतु डाक के माध्यम से आवंटन आवेदन आमंत्रित नियम एवं शर्तों में घोर अनियमिता है। मामलें पर संज्ञान लेते हुए कांग्रेस आरजीपीआरएस प्रदेश महासचिव त्रिशानु राय ने जनहित में मंगलवार को प०सिंहभूम जिले के उपायुक्त को पत्र लिखकर दुकान आवंटन हेतु आवेदन आमंत्रण को तत्काल रद्द किए जाने को लेकर मांग किया है। पत्र की प्रतिलिपि मंत्री सह स्थानीय विधायक चाईबासा दीपक बिरुवा तथा प्रशासक नगर परिषद, चाईबासा को सूचनार्थ पेषित किया है।
त्रिशानु राय ने लिखे पत्र में कहा है कि आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को लाभ पहुँचाने की मंशा से नियम एवं शर्तों को रखा गया है ताकि आर्थिक रूप से असक्षम, शिक्षित, बेरोजगार, जरूरतमंद लोगों को दुकान आवंटन से वंचित रखा जा सकें। उन्होंने आगे कहा कि दस × बारह फिट साईज के दुकान का सुरक्षित जमा राशि अलग-अलग दर एक, दो और तीन लाख रुपए रखी गई है जो दुकान निर्माण की राशि से भी बहुत अधिक है जो न्याय संगत नहीं है।
दुकान का मासिक किराया न्यूनतम एक हजार रुपए रखा गया है , जिसके साथ में यह भी शर्त रखा गया है जो अधिक किराया का बोली लगाएगा वह दुकान उसी का हो जाएगा। कोई असक्षम व्यक्ति एक हजार रुपए का बोली लगाएगा और कोई सक्षम व्यक्ति दस हजार रुपए का बोली लगाएगा तो सक्षम व्यक्ति को ही दुकान आवंटित किया जाएगा, जो कि लोकहित के उचित नहीं है। प०सिंहभूम जिला रोस्टर के अनुरूप छियालीस प्रतिशत दुकानें अनुसूचित जनजाति के लिए एवं चार प्रतिशत दुकानें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहेगा, किंतु निविदा आमंत्रण पत्र सिर्फ नगर परिषद, चाईबासा क्षेत्र के लिए ही निकाली गई है।
अनुसूचित जनजाति के लोगों का नगर परिषद, चाईबासा क्षेत्र में कम आबादी है और जो भी उसमें से बहुत की कम लोग आवंटन से संबंधित नियम तथा शर्तों को पूरा कर सकेंगे। जो फुटकर विक्रेता के रूप में मधु बाजार, मंगला हाट, बड़ी बाजार, एसपीजी मिशन कंपाउंड एवं अन्य क्षेत्र कार्य करते है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के है वे सभी आवेदन करने से वंचित हो जाएंगे। आवदेन पत्र के साथ ही होल्डिंग टैक्स प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र को संलग्न करना अनिवार्य किया गया है, जिससे असक्षम, अशिक्षित, बेरोजगार, जरूरतमंद लोग जिनका अपना निजी आवास नहीं है वह आवेदन करने से ही वंचित हो जाएंगे।
