सुनील सिरका के नामांकन नहीं किए जाने से निरल को बड़ी राहत, भाजपा खेमे में निराशा

सुनील सिरका के फैसले को पार्टी सम्मान के नजर से देख रही है, सिरका ने पार्टी को सर्वोपरी बताया, हेमन्त सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नामांकन नहीं करने का फ़ैसला लेने की बात कही

सूत्रों के अनुसार मिथिलेश ठाकुर के आग्रह पर सुनील ने नामांकन नहीं किया


चाईबासा/संतोष वर्मा: मझगाँव विधानसभा चुनाव में सुनील सिरका का नामांकन दाखिल नहीं किए जाने के बाद से निरल पूर्ति की स्थिति मजबूत हो गयी है. सूत्रों की माने तो हेमन्त सोरेन के निर्देश पर झारखण्ड सरकार के चर्चित मंत्री मिथिलेश ठाकुर के आग्रह पर सिरका ने नामांकन नहीं करने का फैसला लिया है.

सिरका ने नामांकन नहीं कर के पार्टी और हेमन्त सोरेन को यह बताने में सफल हो गए हैं कि मैं पार्टी और हेमन्त सोरेन को झारखण्ड में दोबारा सत्ता में वापसी चाहते हैं. सिरका ने यह भी बता दिया कि पार्टी सबसे ऊपर है, सर्वोपरि है. सुनील के नामांकन नहीं किए जाने से निरल पूर्ति बड़ी राहत महसूस कर रहे हैं. सुनील के खड़े होने से भाजपा के प्रत्याशी को सीधा लाभ मिलता नजर आ रहा था. सुनील के नामांकन नहीं किए जाने के बाद से भाजपा खेमे में बड़ी निराशा देखने को मिल रही है.

अब सवाल खड़ा हो गया है कि किया सुनील के पक्ष में अनेक सामाजिक संगठन का रुख किस ओर होगा. सिरका के समर्थक सूत्र ने कहा कि पार्टी के सम्भावित उम्मीदवारों में सुनील जी का नाम भेजा गया था, लेकिन पार्टी निरल दा को टिकट दिया, पार्टी का फ़ैसला को मानना है, और आगे पार्टी हित में काम करते रहना है.

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