मौलिक अधिकारों को जाने और धर्म-संस्कृति की रक्षा का संकल्प लें: जोबा माझी

-नोवामुंडी के पचाईसाई में विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में सांसद ने की शिरकत, सरना धर्म कोड की मांग पर भरी हुंकार


चाईबासा: सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने विश्व आदिवासी दिवस पर सरना धर्म कोड की मांग दोहराते हुए कहा कि धर्म कोड हमारी अस्तित्व और पहचान का प्रतीक है, इसे हासिल करने के लिए अंतिम सांस तक आवाज उठाते रहेंगे। जोबा माझी शुक्रवार को नोवामुंडी में पचाईसाई मैदान में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थी। 


उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा आदिवासियों के हक और अधिकार पर कटौती करने से आदिवासी चुप नहीं बैठेंगे। आदिवासी एकता पर जोर देते हुए सांसद ने लोगों से कहा जल, जंगल और जमीन पर आज खतरा मंडरा रहा है। आज के ऐतिहासिक दिन हमें ये संकल्प लेने की आवश्यकता है कि अपने अधिकार और धर्म-संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट रहेंगे। इससे पूर्व सांसद ने बिरसा मुंडा, जय पाल सिंह मुंडा, पोटो हो आदि शहीदों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का उदघाटन किया।


कार्यक्रम में पहुंचने पर सांसद का पारंपरिक नृत्य और जोरदार नारों के बीच स्वागत किया गया। इसके साथ आयोजन समिति की ओर से अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न आदिवासी शैली के नृत्य और गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया।

कार्यक्रम में  पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा, केंद्रीय विश्वविद्यालय गया के प्रो.डॉ अनुज लुगुन, उपेंद्र लागुरी, घनश्याम हेम्ब्रम, रीना बलमुचू, यशमती बलमुचू, गंगाधर चतोम्बा, अम्बिका दास, प्रशांत चाम्पिया, लक्ष्मी नारायण लागुरी, आसमान सुंडी, मधुसूदन हेस्सा समेत सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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