सरायकेला/दीपक कुमार दारोघा: फाइलेरिया मुक्ति अभियान सरायकेला खरसांवा जिला में 10 अगस्त से 25 अगस्त तक चलेगी और इसको लेकर जिला स्वास्थ्य समिति सक्रिय है।
सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिन्हा ने मीडिया को बताया कि उपायुक्त के द्वारा इस अभियान की सफलता के लिए सभी विभाग को सूचित किया गया है।
लोगों को प्रेरित करने में सभी सहयोग करेंगे ताकि लोग फाइलेरिया रोधी दवाइयां खाएं।
उन्होंने कहा कि एमडीए, आइडीए राउंड 10 अगस्त से चालू होगा। फाइलेरिया से बचाव के लिए साल में सिर्फ एक बार दवाइयां खाया जाता है। अगर दवाइयां खाएंगे तो फाइलेरिया से बचेंगे। यह फाइलेरिया दवाई जिला के सभी को खाना है, कुछ को छोड़कर। जो माता बच्चों को दूध पिलाती है, गर्भवती माता, 1 साल तक के बच्चों को यह दवा नहीं खाना है।
1 साल से ऊपर 2 साल तक के बच्चे को अल्बेंडाजोल की आधा गोली खिलाना है। उससे ऊपर उम्र व लंबाई के हिसाब से दवाइयां खिलाई जाती है। तीन तरह की दवाइयां खिलाई जाती है। दवाई खाली पेट नहीं खाना है।
उन्होंने कहा कि फाइलेरिया मच्छर काटने से होती है। इसका लक्षण आने में 5 से 15 साल लग जाती है। एक बार व्यक्ति में बीमारी प्रवेश हुआ तो दूसरे को भी प्रभावित करता है। जो फाइलेरिया ग्रसित है दवाइयां खाने से दूसरे को फैलेगा नहीं। प्रचार प्रसार हेतु प्रचार वाहन होडिंग, हैंडविल के जरिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास है। पहला दिन का कार्यक्रम बूथ पर होगी। 1756 बूथ पर कार्यक्रम चलेगा। प्रयास रहेगा ज्यादा से ज्यादा लोगों को बूथ पर दवाइयां खिलाई जा सके। जो छूट जाएंगे, स्वास्थ्य कर्मी उनके घर-घर जाएंगे एवं दवाइयां खिलाएंगे।
उन्होंने कहा कि 11,59,821 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य है। इसके लिए 3512 स्वास्थ्य कर्मी, 205 सुपरवाइजर लक्ष्य प्राप्ति में सक्रिय रहेंगे। फाइलेरिया बीमारी में झारखंड में सरायकेला खरसावां जिला दूसरा स्थान रखता है। फाइलेरिया मुक्ति अभियान 10 से 25 तक चलेगी। जिला के भीबीडी पदाधिकारी चंद्रावती बोइपाई भी मौजूद थी।

