जगन्नाथपुर में आदिवासी दिवस समारोह आयोजित कर विधायक सोना राम ने कोड़ा दंपती को दी चुनौती

सोनाराम सिंकु अपनी लोकप्रियता का अहसास कराने, अपनी पार्टी के देश और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को इस कार्यक्रम के माध्यम से अपनी ताकत का एहसास कराने में सफल रहे

चाईबासा/संतोष वर्मा: मधु कोड़ा और गीता कोड़ा के भाजपा में जाने के बाद जगन्नाथपुर के विधायक सोना राम सिंकु ने आज शुक्रवार को विश्व आदिवासी दिवस समारोह में शामिल होकर व्यक्तिगत पहचान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. कार्यक्रम में शामिल होकर सोनाराम सिंकु अपनी लोकप्रियता का अहसास कराने, अपनी पार्टी के देश और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को इस कार्यक्रम के माध्यम से अपनी ताकत का एहसास कराने में सफल रहे. सोनाराम ने इस कार्यक्रम के माध्यम से कोड़ा दंपती को भी यह बता दिया कि वह विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेंगे.कोड़ा दंपती के कांग्रेस से अलग होने के बाद विधायक का अपना स्वतंत्र रूप से यह पहला सफल कार्यक्रम है. 

इस कार्यक्रम में विधानसभा के सभी पार्टी के नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता के साथ साथ प्रशासन के आला अधिकारी भी शामिल थे. मानकी मुंडा और गणमान्य लोग को बिरसा मुंडा का मोमेंटम दे कर सम्मानित किया गया. आदिवासी समाज के लोग इस कार्यक्रम में काफी उत्साहित नजर आ रहे थे. सोना राम सिंकु ने अपने विरोधियों को और खास कर कोड़ा का डमी होने का अफवाह फैलाने वालों को इस कार्यक्रम को सफल बना कर चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगा दिया है.

जगन्नाथपुर रस्सैल उच्च विद्यालय के मैदान में जगन्नाथपुर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ललित दोराईबुरू एवं नोवामुंडी प्रखंड अध्यक्ष मंजीत प्रधान की अगुवाई में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समारोह का आयोजन किया गया. इस समारोह में जगन्नाथपुर प्रखंड तथा आस पास के कांग्रेस कार्यकर्ता सहित काफी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित हुए. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सोनाराम सिंकु उपस्थित थे। वहीं विशिष्ट अतिथि में अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा ,प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार मिश्रा, अंचल अधिकारी मनोज मिश्रा,जगन्नाथपुर थाना प्रभारी शिवनारायण तिवारी मौजूद थे।

कार्यक्रम में विधायक सोनाराम सिंकु द्वारा बिरसा मुंडा, फुलो झानो, पोटो हो, नारा हो तथा जयपाल सिंह मुंडा के तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया. उसके बाद पारम्परिक ढ़ोल नगाड़े के साथ रितुई गुंडुई शहीद स्थल पर पहुंच कर पूजा अर्चना किया उसके बाद नगर भ्रमण किये. भ्रमण करने के बाद अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जालित किया गया। इनके साथ ही साथ अंदोलनकारी, मुंडा मानकी , डाकुवा, दिऊरी,पंचायत के जनप्रतिनिओ व विशिष्ट अतिथियों सडीओ,बीडीओ,सीओ व थाना प्रभारी व पत्रकार को सम्मानित किया गया ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा की विश्व आदिवासी दिवस हम सभी के लिए गौरव की बात है।

सोनाराम सिंकु ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज आदिवासियों की जागरुकता के लिये विश्व आदिवासी दिवस मनाया जा रहा है. पूर्व के दिनो में आदिवासी बहूत पिछड़े हुए थे. हमारे पूर्वज भी आजादी की लड़ाई लड़ी. लेकिन हमे ऊचित सम्मान नहीं मिला. अपने सम्मान की रक्षा के लिये समाज के हर बच्चों को शिक्षित करना होगा। शिक्षा के बिना अंधकार ही अंधकार है. हमे नशा मुक्त समाज का निर्माण करना होगा. नशे में व्यक्ति जानवर के समान होता है। नशा मुक्ती  ही विकास का आधारशिला होती है। 1994 को संयुक्त राष्ट्रसंघ ने 9 अगस्त को विश्व के आदिवासियों को ऐकता के सूत्र में पिरोने के लिये आदिवासी दिवस मनाने कि घोषणा किया।

विश्व आदिवासी दिवस के दिन विधायक सोनाराम सिंकु नगाड़े के धुन में आदिवासी नृत्य करते हुए

उसी दिन से आज के दिन विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है।आदिवासी दिवस सिर्फ आदिवासियों का नहीं बल्कि हर जाति हर धर्म के भाइयों के लिए है. आदिवासियों के पहचान आज जो है हमारे पूर्वजों बिरसा मुंडा, सिदो, कान्हू, पोटो हो, पांडु हो, बडाए हो, नारा हो इन सभी वीर पुरुषों ने हम आदिवासियों को पहचान दिलाया है. साथ ही कहा की विधायक सोनाराम सिंकु ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड बने 22 साल पूरा हो गए फिर भी हमारे समाज को आज भी पहचान नहीं मिला है आदिवासी समाज के लोगों के द्वारा सरना कोड नहीं मिला है।


मीडिया से बात करते हुए विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि आदिवासी दिवस मनाना हम सब के लिए गौरव की बात है, आदिवासी दिवस सिर्फ आदिवासियों का नहीं बल्कि हर जाति धर्म के लिए है। आदिवासियों की पहचान आज जो मिली है वह हमारे पूर्वजों की देन है। बिरसा मुंडा सिद्धू कान्हो, पोटो हो, पांडू हो, बड़ाए हो, आदि वीर पुरुषों ने आदिवासियों को पहचान दिलाई है। यदि ये लोग नहीं होते तो आदिवासियों की विशेष पहचान नहीं मिली होती। आपसी एकता बनाकर आदिवासी संस्कृति के बचाये रखना है और समाज को नशा और कुरीतियों से दूर रखना है ताकि आदिवासी समुदाय की पहचान विश्व स्तर पर हो। जागरूकता से ही समाज का विकास संभव है। समाज में होने वाले धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने की जरूरत है। संस्कृति पूजा को बरकरार रखने की जिम्मेवारी हम सब की है बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है और जल जंगल एवं जमीन को बचा कर रखना है।

मौके पर जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर दास, मानकी मुंडा के अध्यक्ष कमिल केराई, विपिन सिंकु, रंजीत गगाराई, रोशन पान, जितेद्र कुमार, सोमनाथ सिंकु, संजय गुप्ता, शाहरुक अली, राजु हेब्रम, कांति तिरिया, मोनु घटवरी, मेजों पूर्ती सहित तमाम पंचायत के मुंडा मानकी डाकुवा, दिउरी, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य वार्ड सहित काफी संख्या में महिला पुरुष उपास्तित थे। 

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