संथाल परगना और कोल्हान प्रमंडल में एसटी कोटा के सीटों में प्रत्याशी की घोषणा इसी माह के 25 अगस्त से पहले की जाने की पुरी संभावना है
भाजपा कोल्हान प्रमंडल और संथाल परगना में एसटी कोटा की सीट को जीतने के लिए रणनीति बनाई है वहीं झामुमो झारखंड में युवा विधानसभा बनाने के लिए गुप्त सर्वे करा रही है
चाईबासा/संतोष वर्मा: झारखंड राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी भाजपा ने शुरू कर दिया है। संथाल परगना और कोल्हान प्रमंडल में एसटी कोटा के सीटों में प्रत्याशी की घोषणा इसी माह के 25 अगस्त से पहले की जाने की पुरी संभावना है। भाजपा के केंद्रीय नेता झारखंड में भाजपा की सरकार बनाने की रणनीति तैयार कर ली है, इसी क्रम में आसाम के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को झारखंड विधान सभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीते लोकसभा चुनाव में संथाल परगना और कोल्हान प्रमंडल में एसटी कोटा की संसदीय सीट से अपनी पार्टी प्रत्याशी की हार के बाद झारखंड के आदिवासी नेताओ का कद पार्टी में घटता और छोटा होता दिख रहा है। कोल्हान में पूर्व मुख्य मंत्री और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का हारने के बाद एक सर्वे के मुताबिक श्री मुंडा का आदिवासी समाज में पकड़ कमज़ोर हो चुका है।
वहीं कांग्रेस पार्टी छोड़ कर भाजपा में आई गीता कोड़ा और पूर्व मुख्य मंत्री मघु कोड़ा से पार्टी को कोई लाभ नहीं मिल पाया, जिसके कारण कोड़ा दंपति पर पार्टी बहुत आश्रित नज़र नहीं आ रही है। संथाल परगना में भी पार्टी के ब्रांड एंबेसडर के रूप में देखा जाने वाले बाबूलाल मरांडी को अपने ही घर में मुंह की खानी पड़ी, और पार्टी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। कुल मिलाकर भाजपा के पास वर्तमान समय में झारखंड में आदिवासी समाज में पकड़ रखने वाले लोकप्रिय नेता की भारी कमी देखने को मिल रही है। लोकसभा की पांच आदिवासी सीट हारने के बाद भाजपा अपने डैमेज कंट्रोल रूम को ठिक करने में जुट गई है। दूसरी ओर होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी जेएमएम भी शुरु कर दी है लेकिन अपने रणनीति को गोपनीय रखा है। सूत्रों की माने तो झामुमो इस बार युवा पीढ़ी को विधानसभा चुनाव में उतारने जा रही है, बुजुर्ग नेताओं को खास कर तीन से चार बार विधायक रहनेवाले को पार्टी संगठन को मजबूत बनाने में लगाने पर विचार कर रही है।
सुत्र यह भी बता रहे हैं कि सेकंड लाईन के तेज तर्रार कार्यकर्ता जो जनता के बीच पकड़ रखते हैं,वैसे कार्यकर्ता का सर्वे किया जा रहा है। हेमन्त सोरेन इस बार युवा विधानसभा बनाने में लगे हुए हैं,इसके बाद पार्टी कल्पना सोरेन के सुझाव पर विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस बार युवा विधानसभा का सपना को हेमन्त और कल्पना पुरा करने की रणनीति तैयार कर ली है,इस विधानसभा चुनाव में पार्टी का चुनावी सोलोगन(युवा विधानसभा) होगा। एक ओर भाजपा कोल्हान प्रमंडल और संथाल परगना में एसटी कोटा की सीट को जीतने के लिए रणनीति बनाई है वहीं झामुमो झारखंड में युवा विधानसभा बनाने के लिए गुप्त सर्वे करा रही है। अब देखना है कि पार्टी के ही लोग हेमन्त सोरेन और कल्पना सोरेन के युवा विधानसभा का सपना पुरा होने देंगे की नहीं, यह बड़ा सवाल है।
भाजपा होने वाले विधानसभा चुनाव में संथाल और कोल्हान को जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है, वहीं झामुमो इस विधानसभा चुनाव में युवा विधानसभा का नारा और सोलोगान सेट कर दिया है।
बीते लोकसभा चुनाव में एसटी कोटा के सभी सीट हारने के बाद पार्टी के दिग्गज कद्दावर नेता अर्जुन मुंडा, बाबूलाल मरांडी और कांग्रेस पार्टी को छोड़ कर भाजपा में शामिल होने वाले कोड़ा दंपति के भरोसे कोई रिस्क नहीं उठाना चाहती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के अन्दर खाने से यह बात सामने आई है कि पार्टी के तीन से चार बार विधायक रह चुके लोग को संगठन संभालने का जिम्मेदारी सौंपी जायेगी और सेकंड लाईन के जनता के बीच पकड़ रखने वाले युवा नेता, कार्यकर्ता को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा।
