चाईबासा: टोन्टो, झींकपानी, जगन्नाथपुर विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर टोन्टो प्रखंड के सिरिंगसिया पंचायत के अन्तर्गत ग्राम कुदाहातु में "हो" समाज का भाषा-संस्कृति को बचाने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले महिला एवं पुरूष वर्ग को विभिन्न अतिथियों के द्वारा सम्मानित किया। यह कार्यक्रम कुदाहातु गाँव में दूसरी बार आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में आदिवासी "हो" समाज युवा महासभा के टोन्टो प्रखंड अध्यक्ष राजेश उर्फ बिष्टुम हेस्सा ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के शुभ अवसर पर आदिवासी समुदाय के रीति-रिवाज एवं अपनी धर्म संस्कृति को बचाये रखने की संकल्प लें। आदिवासी समाज की परंपरा से नयी पीढ़ी को जोड़ने में आप सभी आदिवासी "हो" समाज महासभा से जुड़ें और सामाजिक विकास में ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए अपील किया। इसके साथ ही "हो" समाज की मूल-संस्कृति के बचाव एवं धार्मिक भटकाव से लोगों को बचाने में सामाजिक स्तर पर जनजागरूकता फैलाने हेतु युवाओं को आदिवासी "हो" समाज युवा महासभा को सहयोग करने लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि "हो" समाज के बुध्दिजीवी श्री राजेन्द्र सिंकू ने आदिवासी दिवस के उद्देश्य पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि हमारे आदिवासी इस धरती के जल, जंगल और जमीन के रक्षक है! इसके बावजूद भी हम अपनी हक और अधिकार का सही लाभ नहीं ले पाते हैं, क्योंकि हमारे आदिवासी समाज में बहुत कम लोग ही पढ़े लिखे हैं। जिसके कारण हमारा आज भारत आजादी के 77 साल बाद भी हम अपनी हक़ और अधिकार की सही लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसके लिए हम सभी सामाजिक जागरूकता और शैक्षणिक विकास में आगे आएँ अन्यथा हम कभी भी सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक की खराब स्थिति से कभी बाहर नहीं निकल सकते हैं।
कार्यक्रम में निम्न सांस्कृतिक खेल-कूद का संचालन किया गया - पुरूषों के लिए- सेंगेल गुरतुई ओल, बोड़ पटा:, रूतु - बनम साड़ी बदा-बादी।
महिलाओं के लिए-जाटि गलंग, जोनो गलंग बदाबादी, सकम पुऊ, सुसुन-दुरंग बदा-बादी आदि! साथ ही समाज में हो रहे दुष्परिणामों नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिखाया गया है।
इस अवसर पर जब्बर सिंह लागुरी, सुरेश चंद्र हेस्सा, पोदना लागुरी, बिष्टुम हेस्सा, हरिश चंद्र हेस्सा,अर्जुन बालमुचू, लादुरा हेस्सा, तुरी सिदू प्रेम हेस्सा,आदि ग्रामीण उपस्थित थे।




